क्षेत्र पंचायत पुरोला की बैठक में विभिन्न विभागीय मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा ।

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क्षेत्र पंचायत पुरोला की बैठक में विभिन्न विभागीय मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा ।


उत्तरकाशी

 पंचायत चुनाव के बाद विकासखंड पुरोला में आयोजित पहली क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, लोनिवि सहित विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में क्षेत्र के विकास तथा जन समस्याओं के समाधान को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में रचनात्मक चर्चा हुई।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि बीडीसी बैठक जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय का महत्वपूर्ण मंच है। योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, यह प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सदन में उठाए गए मामलों का मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण कर उनका शीघ्र समाधान किया जाए।
ब्लॉक प्रमुख निशिता शाह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, एसडीएम पुरोला मुकेश चंद रमोला सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
ब्लॉक प्रमुख निशिता शाह ने कहा कि बैठक में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जिला पंचायत सदस्य कविता शाह ने बणाई ग्राम पंचायत के सैंज गांव को अभी तक जल जीवन मिशन से नहीं जोड़े जाने का मुद्दा उठाया, जिस पर जिलाधिकारी ने जल निगम को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
गुंदियाट गांव के ग्राम प्रधान कमल नयन ने गांव में जलापूर्ति की समस्या उठाई। इस पर जिलाधिकारी ने पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सारा योजना के तहत कमल नदी और अन्य जल स्रोतों को पुनः रिचार्ज करने के लिए अगले तीन वर्षों के लिए शासन से 12.5 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं, जिससे क्षेत्र के 66 गांवों की जल समस्या के समाधान में मदद मिलेगी।
प्रधान संघ अध्यक्ष त्रिलोक बिजल्वाण ने पोरा गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण न होने का मुद्दा उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने स्वजल के पर्यावरण विशेषज्ञ प्रताप माटुडा को मामले को गंभीरता से लेते हुए पोर्टल के माध्यम से आए सभी आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
ग्राम प्रधान सत्यपाल (कोरना) ने पुरोला-मोरी मोटर मार्ग पर मखना से मोरी तक खोखले हो चुके पेड़ों से संभावित खतरे का मुद्दा उठाया। जिलाधिकारी ने वन विभाग को डीएफओ से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उपजिला चिकित्सालय में निर्माणाधीन भवनों से कक्षों की कमी और रात्रिकालीन सुरक्षा की समस्या को लेकर जिलाधिकारी ने डॉ. आरसी आर्य और डॉ. मनोज असवाल को भवन निर्माण पूरा होने तक किराए पर भवन लेने तथा उपद्रव करने वालों के खिलाफ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
सिंचाई विभाग की चर्चा में क्षेत्र पंचायत सदस्य रूकम सिंह (कंताड़ी) और प्रधान यशवंत सिंह ने रोपाई से पहले नहरों की मरम्मत और लघु सिंचाई योजनाओं के लिए बजट उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
ईई सिंचाई पन्नी लाल ने बताया कि पूरे क्षेत्र की नहरों के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जिसके सापेक्ष तीन करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं और रोपाई से पहले नहरों की वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है।
बैठक में पूर्व विधायक मालचंद शाह ने सदस्यों को सिंचाई और अन्य योजनाओं के लिए नाबार्ड से बजट स्वीकृत कराने का भरोसा दिलाया। वहीं मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने फसलों की सुरक्षा के लिए सुअरों के मार्गों पर घेरबाड़ करने तथा भविष्य में पेयजल संकट से निपटने के लिए कमल नदी के स्रोत क्षेत्र में वृक्षारोपण और व्यापक योजना पर जल्द कार्य शुरू होने की जानकारी दी।
बैठक में शिक्षा, जल संस्थान, पेयजल निगम, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, लोनिवि, ग्रामीण निर्माण विभाग, विद्युत, पंचायतीराज, कृषि, उद्यान, उद्योग, ग्राम्य विकास, खेल, पर्यटन, समाज कल्याण, पशुपालन, युवा कल्याण, स्वजल और खाद्य आपूर्ति सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर पूर्व विधायक मालचंद शाह, ज्येष्ठ प्रमुख महावीर रावत, कनिष्ठ प्रमुख रिक्की शर्मा, गोपाल अवस्थी, जिला पंचायत सदस्य कविता शाह, शोभा बोरियान, समस्त ग्राम प्रधान एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य, पीडी डीआरडीए अजय सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी शैलेंद्र अमोली, सीएचओ रजनीश सिंह, बीडीओ सुरेश चौहान सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।