बारिश से फिर बढ़ा नौगांव पर खतरा, उफनाई यमुना में फँसे मवेशियों को फायर टीम ने बचाया

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बारिश से फिर बढ़ा नौगांव पर खतरा, उफनाई यमुना में फँसे मवेशियों को फायर टीम ने बचाया


उत्तरकाशी। 
बीते वर्ष आई दैविक आपदा के घाव अभी पूरी तरह भरे भी नहीं हैं कि नौगांव नगर पंचायत पर एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। लगातार बारिश के चलते नौगांव बाजार और देवलसारी खड्ड उफान पर हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आपदा को एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी सुरक्षात्मक कार्य नहीं हो सके, जिससे नगर पंचायत के अस्तित्व पर फिर खतरा मंडराने लगा है।
नगर पंचायत के मुलाणा क्षेत्र सहित कई हिस्से आज भी संवेदनशील बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आपदा मद से बड़े स्तर पर ट्रीटमेंट और सुरक्षा कार्य नहीं किए गए, जबकि करोड़ों रुपये की योजनाओं के बावजूद जमीनी स्तर पर राहत नजर नहीं आ रही है।
खाटल क्षेत्र के गढ़-अंबेडकर मोटर मार्ग की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। इस सड़क के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन गदरे पर प्रस्तावित पुल आज तक नहीं बन पाया, जिससे हर बरसात में आवाजाही खतरे से भरी रहती है।
इसी बीच नौगांव स्थित यमुना पुल के पास यमुना नदी में लगभग 10–12 गाय और बैल तेज बहाव के बीच फँस गए। सूचना मिलते ही बड़कोट फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुँची और त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाकर सभी मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। फायर टीम की इस तत्परता की स्थानीय लोगों ने सराहना की।
लगातार बढ़ते खतरे के बीच स्थानीय नागरिकों ने सरकार और प्रशासन से नौगांव में स्थायी सुरक्षा कार्य, नदी तट संरक्षण और अधूरे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने की मांग की है, ताकि भविष्य में जन-धन की हानि को रोका जा सके।