विभागवार प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन, जनहित से जुड़े मुद्दों तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर विस्तार से चर्चा की गई।

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चमोली

जिला पंचायत की बैठक में विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष फोकस।त्रिस्तरीय निगरानी से कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश

जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में जिला पंचायत चमोली की बैठक गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित हुई। बैठक में जनपद के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों एवं विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। 

 विभागवार प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन, जनहित से जुड़े मुद्दों तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर विस्तार से चर्चा की गई।

 पर्यटन, उद्योग, कृषि, उद्यान, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, विद्युत, समाज कल्याण, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, वन, आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति, संचालित योजनाओं एवं आगामी कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान जिला पंचायत सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं एवं जनसमस्याओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर संबंधित विभागीय अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी एवं वर्तमान प्रगति से अवगत कराया, जिलाधिकारी ने सभी संबधित अधिकारियों को आवश्यकतानुसार समस्याओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनपद में ठोस अपशिष्ट (कूड़ा) प्रबंधन को और मजबूत करने हेतु जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार ने जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के अनुरूप ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत स्तर पर कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग प्रत्येक स्तर पर सुनिश्चित की जाए, जिससे स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को कूड़ा प्रबंधन कार्यों की सतत निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में संचालित कूड़ा संग्रहण वाहनों का रूट प्लान तैयार कर वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित ढंग से संचालन किया जाए। उन्होंने कूड़ा वाहनों के नियमित संचालन, निर्धारित समय पर डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण तथा कम्पेक्टर मशीनों के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि संग्रहित अपशिष्ट का वैज्ञानिक एवं समयबद्ध निस्तारण किया जा सके।

 ग्राम पंचायतों की वित्तीय व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध धनराशि का समुचित, पारदर्शी एवं दक्षतापूर्वक उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आय एवं व्यय की नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष बल देते हुए सभी संबंधित अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों को अपनी डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) स्वयं अपने पास सुरक्षित रखने एवं उसका जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि इससे वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित होगी तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब की स्थिति से बचा जा सकेगा।

जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने, विकास कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने तथा जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे आम जनता को शासन की योजनाओं एवं विकास कार्यों का अधिकतम लाभ मिल सके।

 जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी, अपर मुख्य अधिकारी तेज सिंह, जिला पंचायत सदस्य, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी सहित अन्य मौजूद रहे।