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एसआईआर पर राजनीतिक दलों की बैठक, 24 लाख मतदाताओं को नोटिस,15 लाख से अधिक की सुनवाई पूरी

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देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन विभाग ने राजनीतिक दलों के साथ मंथन तेज कर दिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देश पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में एसआईआर की प्रगति, मतदाता सूची में सामने आई विसंगतियों और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को एसआईआर की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल करीब 71 लाख मतदाताओं में से अनमैप्ड और विसंगति वाले करीब 24 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से 15 लाख से अधिक नोटिसों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है, जबकि शेष मामलों में कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों और प्रावधानों के अनुसार संपादित की जा रही है। निर्वाचन विभाग की ओर से प्रत्येक स्तर पर प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर अपने सुझाव और विचार अधिकारियों के समक्ष रखे। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नौ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को पर्यवेक्षण अधिकारी के तौर पर अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अधिकारियों की तैनाती का उद्देश्य एसआईआर के दौरान सामने आने वाले मामलों की निगरानी करना और प्रक्रिया को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगे बढ़ाना है। निर्वाचन विभाग ने राजनीतिक दलों को भरोसा दिलाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्राप्त दावों, आपत्तियों और विसंगतियों का नियमानुसार परीक्षण किया जा रहा है। किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे और अपात्र नामों को लेकर निर्धारित प्रक्रिया का पालन हो, इस दिशा में विभाग लगातार काम कर रहा है। बैठक के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मिले सुझावों को भी निर्वाचन विभाग ने गंभीरता से लेने की बात कही। अधिकारियों के मुताबिक एसआईआर की प्रक्रिया में सभी संबंधित पक्षों की भागीदारी और निगरानी से मतदाता सूची को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी। आने वाले दिनों में लंबित नोटिसों पर सुनवाई और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी।