बिहार में मानसून ने पकड़ी रफ्तार: 25 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का 'ऑरेंज अलर्ट', 1 जुलाई से पूरे सूबे में झमाझम के आसार

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पटना। बिहार में चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। सूबे में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ एक्टिव हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के मौसम में सोमवार से एक बड़ा और व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने बिहार के कई हिस्सों में अगले सात दिनों तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली) होने और मूसलाधार बारिश को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों ने उत्तर, पूर्वी और मध्य बिहार के कुल 25 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई है। इस अलर्ट के दायरे में मुजफ्फरपुर, दरभंगा, चंपारण (पूर्वी और पश्चिमी), समस्तीपुर, पूर्णिया और भागलपुर जैसे सूबे के कई प्रमुख जिले शामिल हैं। मौसम विभाग ने इन इलाकों के निवासियों और विशेषकर खेतों में काम करने वाले किसानों को खराब मौसम के दौरान विशेष रूप से सावधान रहने की हिदायत दी है। लोगों से अपील की गई है कि बिजली चमकने या बादलों की गड़गड़ाहट सुनाई देने पर तुरंत पक्के और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और पेड़ों व बिजली के खंभों से दूर रहें।

राजधानी पटना की बात करें तो सोमवार को दिन भर आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। शहर के कुछ इलाकों में तेज हवा के झोंकों के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इस मानसूनी गतिविधि के कारण पटना और आसपास के इलाकों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक पूरे शहर में लगातार मूसलाधार बारिश नहीं होती, तब तक लोगों को उमस भरी गर्मी से पूरी तरह निजात मिलना मुश्किल है। मौसम में अचानक आए इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव (लो प्रेशर) का क्षेत्र है। इसके प्रभाव से मानसूनी ट्रफ भी बेहद तेजी से बिहार की ओर आगे बढ़ रही है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त असर के कारण अगले दो से चार दिनों के भीतर पूरे राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। मौसम विभाग के मुताबिक, 30 जून से वर्षा की गतिविधियों में भारी तेजी आएगी और 1 जुलाई से पूरे राज्य में झमाझम मानसूनी बारिश का दौर शुरू हो जाएगा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। गौरतलब है कि इस साल बिहार में मानसून ने 11 जून को समय से पहले ही दस्तक दे दी थी। शुरुआत में इसकी रफ्तार बहुत अच्छी थी और उम्मीद जगी थी कि इस बार अच्छी बारिश होगी, लेकिन बाद में मानसून अचानक कमजोर पड़ गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस समय तक सूबे में करीब 140 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन वर्तमान में केवल 70 मिलीमीटर के आसपास ही बारिश दर्ज की जा सकी है। यानी सामान्य के मुकाबले सीधे 50 फीसदी कम पानी गिरा है, जिससे किसान भी बेहद चिंतित हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में अच्छी मानसूनी बारिश रिकॉर्ड की गई है। पटना मौसम केंद्र के मुताबिक, सबसे अधिक 54 मिलीमीटर वर्षा पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर स्टेशन पर दर्ज की गई। इसके अलावा लखीसराय के बड़हिया में 51.8 मिलीमीटर और समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में 42.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इन जिलों को छोड़कर बाकी अन्य सभी जिलों में अनुमान से काफी कम बारिश हुई है। बहरहाल, नए वेदर सिस्टम के एक्टिव होने से अब आने वाले दिनों में सूखे जैसे हालात से राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।