चमोली
विश्व प्रसिद्ध बैकुंठ धाम श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट आज गुरुवार को पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए। ब्रह्ममुहूर्त में प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर मुख्य द्वार के ताले खुलते ही पूरा परिसर 'जय बद्री विशाल' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
कपाट खुलने की प्रक्रिया तड़के सुबह से ही शुरू हो गई थी। कुबेर जी, उद्धव जी और दक्षिण मुखी हनुमान जी की उपस्थिति में मंदिर के मुख्य पुजारी (रावल) ने निर्धारित शुभ मुहूर्त पर गर्भगृह के द्वार खोले। इस पावन अवसर पर सेना के बैंड की मधुर धुनों और स्थानीय लोक वाद्यों ने वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया।
कपाट खुलते ही हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने भगवान बद्री विशाल के दिव्य विग्रह के दर्शन किए। विशेष आकर्षण का केंद्र 'अखंड ज्योति' रही, जो शीतकाल में कपाट बंद होने के समय प्रज्वलित की गई थी। श्रद्धालुओं ने इस ज्योति के दर्शन कर स्वयं को धन्य माना। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहली पूजा प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नाम करवाई ओर उन्होंने देश वाशियो की खुशहाली की भगवान बद्री विशाल से मनौती भी मांगी इस के साथ ही उत्तराखंड की चार धाम यात्रा का अब पूरी तरह आगाज हो गया है।इस अवसर पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद महाराज,बीकेटीसी अध्यक्ष हेमवंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती,जिलाधिकारी गौरव कुमार,पुलिस अधीक्षक सुरजीत पंवार समेत तमाम लोग मौजूद रहे

