चमोली
बारिश में पोकलैंड की बकेट बनी सहारा, चमोली में जान जोखिम में डालकर आवाजाही
उत्तराखंड के चमोली जिले के देवाल विकासखंड से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो पहाड़ी क्षेत्रों की बदहाल सड़क व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है। देवाल–वाण मोटर मार्ग पर लगातार हो रही बारिश के बीच ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर पोकलैंड मशीन की बकेट में बैठकर सड़क पार करने को मजबूर हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

देवाल–वाण मोटर मार्ग पर गमलीगाड़ के पास सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र में बारिश होते ही भारी मात्रा में मलबा, बोल्डर और दलदल सड़क पर आ जाता है। जिससे सड़क पूरी तरह बंद हो जाती है और वाहनों की आवाजाही ठप पड़ जाती है। कई वाहन दलदल में फंस रहे हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। सड़क पार करने का कोई सुरक्षित विकल्प नहीं बचा है। मजबूरन पोकलैंड मशीन की बकेट के सहारे ग्रामीणों को एक ओर से दूसरी ओर पहुंचाया जा रहा है। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी इसी अस्थायी व्यवस्था का सहारा लेने को विवश हैं। हालांकि यह तरीका बेहद जोखिम भरा है और बारिश के बीच कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।देवाल–वाण मार्ग बंद होने से गामरी गाड़ से आगे बसे गांवों की करीब आठ हजार आबादी प्रभावित है। लोगों को इलाज, राशन, खरीदारी और अन्य जरूरी कामों के लिए देवाल पहुंचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग जल्द से जल्द सड़क को सुरक्षित और सुचारु करने की मांग कर रहे हैं, ताकि मानसून के दौरान उन्हें इस तरह जान जोखिम में डालकर सफर न करना पड़े।फिलहाल प्रशासन की ओर से सड़क खोलने के प्रयास जारी हैं, लेकिन जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक हजारों ग्रामीणों की जिंदगी इसी तरह जोखिम के साथ आवाजाही को मजबूर है

