ज्ञान से अधिक शिक्षक का आचरण  महत्वपूर्ण: सारस्वत

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गौचर / चमोली।

ललिता प्रसाद लखेड़ा 
ज्ञान से अधिक शिक्षक का आचरण  महत्वपूर्ण: सारस्वत
            ज्ञान से अधिक शिक्षक का आचरण  महत्वपूर्ण होता है, छात्र जितना शिक्षक के शिक्षण द्वारा सीखता है उससे अधिक उसके आचरण द्वारा ग्रहण करता है। शिक्षकों को अपने आचरण की शुद्धता पर विशेष ध्यान देना चाहिए उन्हें शालीन वस्त्रो का प्रयोग करना चाहिए।
शिक्षक को न केवल विद्यार्थियों के लिऐ बल्कि समाज के लिऐ भी आदर्श स्थापित करना चाहिए l यह बात चमोली जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत  ने पीएमश्री राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज गोचर की प्रार्थना सभा में कही। 
            मुख्य शिक्षा अधिकारी  चमोली आकाश सारस्वत द्वारा विद्यालयों का औचक निरीक्षण पांचवें दिन भी जारी रहा। शनिवार 25 अप्रैल को राजकीय इंटर कालेज गौचर की प्रार्थना सभा में पहुंचे और उसे संबोधित किया उसके बाद विद्यालय के शिक्षकों की संक्षिप्त बैठक ली और शिक्षकों को  समयबद्ध होकर अनुशासित तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गये ।मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा विद्यालय के विभिन्न अभिलेखों का निरीक्षण किया गया जिसमें सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिये गये। शिक्षकों से पुस्तकालय से लगातार पुस्तक लेने , पढ़ने और इसकी आख्या प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। शिक्षकों से नवाचारी शिक्षा पर विशेष बल देने और पढ़ने  लिखने की संस्कृति को विकसित करने के लिए कहा गया l
       उन्होंने विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य खड़क सिंह बिष्ट को विद्यालय में बहुभाषी प्रार्थना सभा का सतत आयोजन करने, दीवार पत्रिका का निर्माण करने, विद्यालय में किचन गार्डन स्थापित करने, पुस्तकालय को सशक्त करने और बच्चों के सामूहिक जन्मोत्सव को मनाने के लिए निर्देशित किया गया l
     मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा बताया गया कि विद्यालयों में औचक निरीक्षण का यह क्रम लगातार जारी रहेगा और आवश्यक दिशा निर्देशों के अनुपालन को परखने के लिऐ पुनः विद्यालयों का भ्रमण भी किया जाएगा l मुख्य शिक्षा अधिकारी के साथ निरीक्षण में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य योगेंद्र सिंह बर्त्वाल और डॉक्टर गजपाल राम राज भी मौजूद रहे l