हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन रोकथाम के लिए THDCIL और सड़क परिवहन मंत्रालय के बीच तीन वर्षीय समझौता

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हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन रोकथाम के लिए THDCIL और सड़क परिवहन मंत्रालय के बीच तीन वर्षीय समझौता
देहरादून/शिमला।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL) ने हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के अध्ययन और सुरक्षा उपायों के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), शिमला के साथ तीन वर्ष की अवधि का एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया है। यह समझौता 6 अगस्त 2026 को मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय, शिमला में हस्ताक्षरित हुआ।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सिपन कुमार गर्ग ने कहा कि कंपनी ने देशभर में सड़क परिवहन मंत्रालय, एनएचएआई, एनएचआईडीसीएल तथा अन्य एजेंसियों के लिए ढलान संरक्षण (Slope Protection) और रॉकफॉल नियंत्रण कार्यों में एक विश्वसनीय परामर्शदाता के रूप में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मोर्थ शिमला के साथ यह साझेदारी हिमालयी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्गों को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


समझौते के तहत टीएचडीसीआईएल हिमाचल प्रदेश के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील और लगातार प्रभावित क्षेत्रों का अध्ययन करेगी तथा उनके स्थायी समाधान के लिए तकनीकी सुझाव देगी। इसके अलावा उपयुक्त डिजाइन, ड्राइंग, तकनीकी रिपोर्ट तैयार करने और कार्यान्वयन के दौरान स्थिरीकरण कार्यों की तकनीकी निगरानी भी कंपनी द्वारा की जाएगी।
टीएचडीसीआईएल इस परियोजना में पारंपरिक तकनीकों के साथ-साथ आधुनिक और लचीली (फ्लेक्सिबल) तकनीकों का उपयोग करेगी, जिससे प्रत्येक स्थल की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी समाधान तैयार किए जा सकें। इससे हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुगम बनने की उम्मीद है।
एमओयू पर टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की ओर से महाप्रबंधक (डिज़ाइन–आउटवर्ड कंसल्टेंसी) डॉ. नीरज कुमार अग्रवाल तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, शिमला की ओर से मुख्य अभियंता एवं क्षेत्रीय अधिकारी विष्णु मूर्ति ने हस्ताक्षर किए।
गौरतलब है कि टीएचडीसीआईएल वर्तमान में मोर्थ देहरादून, मोर्थ अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, एनएचएआई जम्मू-कश्मीर, एनएचएआई शिलांग, उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा एनएचआईडीसीएल सहित कई संस्थाओं को ढलान संरक्षण, रॉकफॉल सुरक्षा और शूटिंग स्टोन रोकथाम से संबंधित परामर्श सेवाएं प्रदान कर रही है। इसके अतिरिक्त कंपनी  माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और  अमरनाय श्राइन बोर्ड के लिए भी रॉकफॉल सुरक्षा उपायों के कार्यों में तकनीकी सहयोग दे रही है।