नीति घाटी में 'एडवेंचर' का महाकुंभ: 27 राज्यों के 1200 रनर्स ने दिखाया दमखम, सीएम धामी ने की कई बड़ी घोषणाएं

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देहरादून। उत्तराखंड के सुदूर सीमांत क्षेत्र नीति घाटी में साहसिक पर्यटन और फिटनेस का एक नया अध्याय लिखा गया है। पर्यटन विभाग, भारतीय सेना और आईटीबीपी  के संयुक्त सहयोग से आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ प्रतियोगिता का भव्य समापन मलारी गांव में पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ।

उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नीति घाटी के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के पुरस्कार वितरण समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सामुदायिक होम स्टे विकसित करने, आधुनिक साइनज और व्यू प्वाइंट बनाने, सीमा दर्शन केंद्र स्थापित करने तथा साहसिक पर्यटन के लिए आधारभूत सुविधाएं विकसित करने की घोषणा की। सरकार की इन पहलों का उद्देश्य सीमांत गांवों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है। जनपद चमोली की नीति घाटी में 31 मई से 2 जून तक आयोजित तीन दिवसीय नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन में देश के 27 राज्यों से 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। पर्यटन विभाग ने भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सहयोग से इस आयोजन का संचालन किया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने 5, 10, 21, 42 और 75 किलोमीटर की विभिन्न श्रेणियों में हिस्सा लेकर अपनी सहनशक्ति, साहस और खेल भावना का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने नीति, मलारी, कोशा, फरकिया, बाम्पा, गुरगुटी, कैलाशपुर और महरगांव में सामुदायिक सहभागिता आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित करने की घोषणा की। इसके तहत सामुदायिक होम स्टे विकसित करने और ग्रामीण पर्यटन के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाओं का निर्माण कराने पर जोर दिया जाएगा। इस पहल से स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं को पर्यटकों के लिए आवास, खानपान तथा स्थानीय संस्कृति से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने के अवसर मिल सकते हैं। इससे गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और स्थानीय संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाने में मदद मिलने की उम्मीद है। नीति घाटी के विभिन्न गांवों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक संकेतक और व्यू प्वाइंट विकसित किए जाएंगे। इससे पर्यटकों को प्रमुख स्थलों तक पहुंचने, क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता देखने और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को समझने में सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों की आजीविका को सशक्त बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सीमांत गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने पर जोर दिया। सीमांत पर्यटन को नई दिशा देने के लिए चमोली जिले के रिमखिम और बाड़ाहोती क्षेत्र में सीमा दर्शन केंद्र स्थापित करने की घोषणा भी की गई। इन केंद्रों के माध्यम से देश के नागरिकों को सीमांत क्षेत्रों के महत्व और उनकी विशिष्टताओं से परिचित कराने की योजना है। इसके अतिरिक्त, ग्राम गमशाली स्थित दुप्फूधार मैदान में आधारभूत सुविधाओं का विकास कराया जाएगा। इससे साहसिक पर्यटन गतिविधियों और बड़े आयोजनों के आयोजन को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन में देशभर से आए प्रतिभागियों की भागीदारी ने सीमांत क्षेत्र में साहसिक खेलों की संभावनाओं को सामने रखा। मलारी गांव में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल सहित अन्य अतिथियों ने विजेताओं को पुरस्कार राशि और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान और युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। नीति घाटी में घोषित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से पर्यटन के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। हालांकि, इन पहलों की सफलता के लिए सड़क और संचार सुविधाओं, पर्यटकों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय समुदाय की भागीदारी पर भी विशेष ध्यान देना होगा। इससे क्षेत्र की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए पर्यटन को आजीविका का मजबूत माध्यम बनाया जा सकेगा।