गौचर / चमोली।
ललिता प्रसाद लखेड़ा
जनपद चमोली के आयुष चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर किया सांकेतिक विरोध*
राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सक सेवा संघ, उत्तराखण्ड के प्रांतीय आह्वान पर जनपद चमोली
के समस्त आयुष चिकित्सकों द्वारा आज काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया गया। चिकित्सकों ने नियमित रूप से ओपीडी एवं अन्य आवश्यक सेवाओं का संचालन करते हुए विभाग एवं शासन का ध्यान अपनी लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया।

जिला संघ के अध्यक्ष डा० चंद्रबल्लभ पाटिल एवं जिला सचिव डा० त्रिलोक सिंह रावत ने बताया कि यह विरोध आयुष चिकित्सा संवर्ग से संबंधित लंबे समय से लंबित सात सूत्रीय मांगों के समर्थन में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संघ की प्रमुख मांगों में 'आयुष चिकित्सा संवर्ग हेतु पृथक विभागीय निदेशक की नियुक्ति, चिकित्सकों को समयबद्ध रूप से एसीपी (ACP) का लाभ प्रदान करना, डीएसीपी (DACP) व्यवस्था को लागू करना, विभागीय ढांचे का पुनर्गठन कर पदोन्नति के अवसरों में वृद्धि करना, स्नातकोत्तर अध्ययन अवकाश से संबंधित विसंगतियों का निराकरण, वर्ष 2024 बैच के
चिकित्साधिकारियों का शीघ्र स्थायीकरण तथा चिकित्सकों की व्यक्तिगत मोबाइल डिवाइस पर आधार आधारित एप्लिकेशन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था का विरोध प्रमुख रूप से शामिल हैं।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि उक्त मांगों के संबंध में विभाग एवं शासन को पूर्व में कई बार अवगत कराया जा चुका है तथा वर्तमान सांकेतिक विरोध कार्यक्रम की सूचना भी शासन एवं विभागीय अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने कहा कि आयुष चिकित्सक वर्षों से जनस्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, इसलिए उनकी न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाना आवश्यक है। यदि सरकार एवं विभाग द्वारा मांगों के समाधान हेतु गंभीरतापूर्वक पहल नहीं की जाती है, तो प्रांतीय संघ के निर्देशानुसार आंदोलन को आगामी चरणों में और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाया जाएगा।

संघ ने शासन से मांग की है कि आयुष चिकित्सकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं चिकित्सकों के हित में सकारात्मक निर्णय लिया जाए।

