देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्षी दल कांग्रेस पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा है कि प्रदेश में मुद्दों के अभाव से जूझ रही कांग्रेस अब झूठ, भ्रम और बेबुनियाद आरोपों के सहारे अपना राजनीतिक वजूद बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार विपक्ष के हर सवाल और आरोप का जवाब पूरे तथ्यों, दस्तावेजों और पारदर्शिता के साथ देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष जितने चाहे आरोप लगाए, सरकार हर आरोप का जवाब तथ्यों, दस्तावेजों और पारदर्शिता के साथ देगी। कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस मुद्दों के अभाव में झूठ, भ्रम और बेबुनियाद आरोपों के सहारे राजनीतिक नैरेटिव खड़ा करने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव से जोड़कर प्रदेश का माहौल खराब करने का प्रयास किया, जबकि बाद में सामने आए तथ्यों में घटना से जुड़े पांच लोगों के अनुसूचित जाति समाज से होने की बात सामने आई। उन्होंने कहा कि संवेदनशील सामाजिक मामलों में बिना पूरी जानकारी के राजनीति करने के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड को लेकर लगाए गए आरोपों पर भी मुख्यमंत्री ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से बोर्ड को 7,000 बीघा जमीन दिए जाने का आरोप लगाया गया, जबकि सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि अब तक बोर्ड को कुल 45 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड का उद्देश्य पर्यटन और आधारभूत संरचना के विकास के माध्यम से प्रदेश में निवेश, आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि विकास से जुड़े विषयों पर तथ्यों के बजाय भ्रम फैलाना प्रदेशहित में नहीं है। ऊर्जा खरीद को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को सवाल उठाने के साथ अपने शासनकाल के फैसलों का भी हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए। मुख्यमंत्री के अनुसार, कांग्रेस सरकार के समय किए गए गैस पावर करार के कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य को गैस आधारित बिजली के लिए 31.71 रुपये प्रति यूनिट तक भुगतान करना पड़ा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने दीर्घकालिक ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 1320 मेगावाट बिजली करीब 5.74 रुपये प्रति यूनिट की दर से 25 वर्षों के लिए सुनिश्चित की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीक ऑवर में राज्य को कई बार महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है। ऐसे में दीर्घकालिक बिजली व्यवस्था ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शुरुआत से ही कठोर कानूनी कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि मामले में तीनों दोषियों को निचली अदालत से आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है और अगस्त 2026 में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिकाएं भी खारिज कर दीं।मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता के माता-पिता की मांग पर राज्य सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति की थी और सीबीआई ने फरवरी 2026 में मामला दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली। उन्होंने कहा, “अंकिता हमारी बेटी थी। उसे न्याय दिलाने के लिए सरकार पहले दिन से पूरी दृढ़ता के साथ खड़ी रही है और आगे भी कानून के अनुसार हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर ईवीएम, चुनाव आयोग और एसआईआर जैसे विषयों को लेकर सवाल उठाती है और उत्तराखंड में भी अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन बहस तथ्यात्मक होनी चाहिए। धामी ने कहा कि सरकार प्रत्येक निर्णय में नियम, पारदर्शिता और प्रदेशहित को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस चाहे जितने आरोप लगाए, सरकार हर सवाल का जवाब तथ्यों के आधार पर देने के लिए तैयार है।

