गैरसैंण। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में चल रहे पांच दिवसीय बजट सत्र का बुधवार को तीसरा दिन राजनीतिक बहस, सवालों और विरोध प्रदर्शनों के बीच शुरू हुआ। सदन के भीतर जहां विभिन्न मुद्दों पर तीखी चर्चा देखने को मिली, वहीं बाहर स्थायी राजधानी की मांग को लेकर सुराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण ने कार्यवाही के दौरान स्पष्ट किया कि कार्यमंत्रणा समिति से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और विधायक प्रीतम सिंह का इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों नेता फिलहाल समिति के सदस्य बने रहेंगे।
इधर, गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर सुराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा कूच का प्रयास किया। हालांकि, दीवालीखाल में पुलिस की कड़ी सुरक्षा और बैरिकेडिंग के चलते उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सरकार गैरसैंण को लेकर जनता को गुमराह कर रही है और पहाड़ों से पलायन लगातार बढ़ रहा है। यूकेडी के केंद्रीय युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष आशीष नेगी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार सत्र के दौरान गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित नहीं करती है तो यूकेडी खुद बैरिकेडिंग लगाकर नेताओं को रोकने का काम करेगी। सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसिद्ध लोक कलाकार दीवान कनवाल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दीवान कनवाल ने उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और लोक संगीत को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रश्नकाल के दौरान भी कई मुद्दों पर सदन में बहस तेज रही। भाजपा विधायक सुरेश गढ़िया ने पदक विजेता खिलाड़ियों को नौकरी देने के संबंध में सवाल उठाया। इस पर खेल मंत्री रेखा आर्य ने बताया कि खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी देने की प्रक्रिया जारी है और वर्ष 2013 से 2023 के बीच 29 खिलाड़ियों को यह अवसर दिया जा चुका है।
वहीं कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला ने पीपलकोठी स्थित सेमलडाला मैदान के विस्तार की मांग उठाई। इस पर मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि सेमलडाला में खेल स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। दूसरी ओर हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर विधायक सुमित हृदयेश विधानसभा परिसर में ही धरने पर बैठ गए। आज की कार्यवाही के दौरान कई महत्वपूर्ण अध्यादेशों और विधेयकों को भी सदन में पारित किया जाएगा। इनमें उत्तराखंड दुकान और स्थापना रोजगार विनियमन संशोधन अध्यादेश, जन विश्वास उपबंधों का संशोधन अध्यादेश, माल और सेवा कर संशोधन अध्यादेश तथा समान नागरिक संहिता संशोधन अध्यादेश प्रमुख हैं। इसके अलावा 11 महत्वपूर्ण विधेयकों को भी सदन में पारित करने की तैयारी है, जिनमें उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं संशोधन विधेयक, देवभूमि परिवार विधेयक, निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक और सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक शामिल हैं। गौरतलब है कि सोमवार को सरकार ने बजट पेश किया था, जबकि मंगलवार को चार अध्यादेश और 11 विधेयक सदन में रखे गए थे। बुधवार को बजट पर विस्तृत चर्चा के साथ ही इन विधेयकों को पारित किए जाने की संभावना है। ऐसे में सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक गतिविधियां तेज होने से सत्र के और भी गरमाने के आसार हैं।

