किच्छा में संपत्ति स्वामित्व के साक्ष्यों की एडीएम ने समीक्षा की

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किच्छा। ऊधम सिंह नगर जिले की किच्छा तहसील स्थित चर्चित खान फार्म भूमि विवाद में प्रशासन ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। इससे पहले दोनों पक्ष एडीएम पंकज उपाध्याय के समक्ष अपने-अपने स्वामित्व संबंधी दस्तावेज लेकर पहुंचे, जहां सुनवाई के दौरान सभी अभिलेख प्रस्तुत किए गए। प्रारंभिक जांच के बाद एडीएम ने स्पष्ट किया कि विस्तृत जांच पूरी होने तक विवादित भूमि की वर्तमान स्थिति में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि एक जुलाई को इस भूमि को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी सायरा वाड्रा और नसरिन सांगा के बीच विवाद सामने आया था। मामले की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता खान फार्म के बाहर पहुंच गए थे, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली थी। बढ़ते विवाद को देखते हुए प्रशासन ने दोनों पक्षों को दस्तावेजों के साथ एडीएम कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। सायरा वाड्रा की ओर से अधिवक्ता पीयूष पंत और नसरिन सांगा की ओर से अधिवक्ता शुभम छाबड़ा ने अपना पक्ष रखते हुए संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए। सुनवाई के दौरान तहसील परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भी भारी भीड़ मौजूद रही। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने खान फार्म के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि राजस्व अभिलेखों और सभी दस्तावेजों का निष्पक्ष परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने और तथ्य स्पष्ट होने के बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।तब तक दोनों पक्षों को विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश प्रभावी रहेंगे।