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एफआरआई में दीक्षांत समारोह: देश को मिले 28 नए राज्य वन सेवा अधिकारी,12 महिला अफसरों ने भी लहराया परचम

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देहरादून। वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) देहरादून में आयोजित दीक्षांत समारोह के साथ देश को राज्य वन सेवा के 28 नए अधिकारी मिले। केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा, देहरादून के 38वें प्रशिक्षण कार्यक्रम (2024-2026 बैच) के सफल समापन पर आयोजित समारोह में प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशिक्षण पूरा करने के बाद नई जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया गया। खास बात यह रही कि इस बैच में 12 महिला अधिकारी भी शामिल हैं।

एफआरआई के सभागार में आयोजित दीक्षांत समारोह में प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रशिक्षण पूरा होने के बाद देश की वन संपदा, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी संभालने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा किया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में वीरेंद्र आर. तिवारी, भारतीय वन सेवा (सेवानिवृत्त), अध्यक्ष, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, नई दिल्ली मौजूद रहे। अन्य अतिथियों और वन विभाग के अधिकारियों ने भी समारोह में हिस्सा लिया। 38वें प्रशिक्षण बैच में देश के चार राज्यों के अधिकारी शामिल रहे। इनमें छत्तीसगढ़ के चार, कर्नाटक के 17, मध्य प्रदेश के छह और उत्तर प्रदेश के एक अधिकारी शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को वन प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण और वन संसाधनों से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। विभिन्न राज्यों से आए अधिकारियों ने देहरादून में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब अपने-अपने राज्यों में वन एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालने की तैयारी की है। इस बैच में 12 महिला अधिकारियों की भागीदारी वन सेवा में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाती है। वन प्रशासन और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से सेवाओं में विविधता और नई कार्यशैली को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रशिक्षण पूरा करने वाले इन अधिकारियों के सामने जंगलों की सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता को बचाने और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी। जलवायु परिवर्तन और तेजी से बदलते पर्यावरणीय हालात के बीच वन अधिकारियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। एफआरआई परिसर में आयोजित दीक्षांत समारोह ने प्रशिक्षु अधिकारियों के प्रशिक्षण काल को औपचारिक रूप से पूर्ण करने के साथ उनके पेशेवर जीवन की नई शुरुआत का संदेश दिया। अलग-अलग राज्यों से आए इन 28 अधिकारियों से अब अपने-अपने क्षेत्रों में वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभाने की उम्मीद है।