2027 में हैट्रिक की तैयारी: उत्तराखंड बीजेपी पूरी तरह 'इलेक्शन मोड' में, सभी 70 विधानसभाओं में प्रभारी तैनात

Blog
 Image

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उत्तराखंड में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अपना संगठनात्मक बिगुल अभी से फूंक दिया है। राज्य में लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक जीत दर्ज करने का लक्ष्य लेकर चल रही बीजेपी ने प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर विधानसभा प्रभारियों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसके साथ ही, बूथ स्तर तक संगठन को धार देने के लिए 'विस्तारक योजना' को भी पूरी गति के साथ धरातल पर उतार दिया गया है।

उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक तैयारियों को गति दे दी है। प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर प्रभारियों की नियुक्ति के साथ पार्टी ने विस्तारक योजना को भी सक्रिय कर दिया है। बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने के उद्देश्य से 13 और 14 अक्टूबर को काशीपुर में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें विधानसभा प्रभारी, विस्तारक और पार्टी के वरिष्ठ नेता आगामी चुनाव की तैयारियों और संगठनात्मक कार्ययोजना पर चर्चा करेंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट की सहमति के बाद सभी विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारियों की सूची जारी की गई है। प्रदेश महामंत्री दीप्ति भारद्वाज के अनुसार, नियुक्त प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन की गतिविधियों को गति देने, कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल स्थापित करने और बूथ स्तर तक पार्टी के कार्यक्रमों को पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भाजपा ने विधानसभा प्रभारियों की नियुक्ति को आगामी चुनाव से पहले संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। पार्टी की योजना है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संगठन की गतिविधियों की नियमित निगरानी हो और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। प्रभारी अपने क्षेत्रों में पार्टी के निर्धारित कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के साथ संगठन की स्थिति का आकलन भी करेंगे। बूथ समितियों की सक्रियता, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पार्टी आगामी चुनाव में लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसी लक्ष्य के अनुरूप संगठन को चुनाव की घोषणा से पहले सक्रिय करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। हालांकि, चुनावी परिणाम कई राजनीतिक और स्थानीय कारकों पर निर्भर करेंगे। विधानसभा प्रभारियों की नियुक्ति के साथ भाजपा ने विस्तारक योजना के संचालन के लिए प्रदेश टोली का भी गठन किया है। प्रदेश मंत्री नलिन भट्ट को प्रदेश संयोजक बनाया गया है। वहीं दिनेश खुल्बे, अखिलेश डबराल, विक्रम कंडारी, त्रिलोक सिंह बुटोला और मोहित कौशिक को सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। योजना के तहत सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में पूर्णकालिक विस्तारकों के माध्यम से संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा। ये विस्तारक निर्धारित क्षेत्रों में प्रवास कर बूथ समितियों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे, पार्टी के कार्यक्रमों को संचालित करने में सहयोग देंगे और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने पर ध्यान देंगे। पार्टी की योजना है कि विस्तारक स्थानीय परिस्थितियों और संगठन की जरूरतों को समझते हुए कार्ययोजना को जमीन पर लागू करने में मदद करें। इसके लिए विधानसभा प्रभारियों और विस्तारकों के बीच जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा किया जाएगा। विस्तारक योजना को गति देने के लिए 13 और 14 अक्टूबर को काशीपुर में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के विस्तारकों और प्रभारियों को संगठनात्मक कामकाज तथा आगामी चुनाव की तैयारियों से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार के अनुसार, कार्यशाला में पार्टी के वरिष्ठ नेता अलग-अलग सत्रों में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करेंगे। राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश प्रभारी राम माधव, सह प्रभारी अरविंद मेनन, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और प्रदेश महामंत्री संगठन फणींद्रनाथ शर्मा के शामिल होने का कार्यक्रम है। कार्यशाला में केवल चुनाव प्रचार पर ही नहीं, बल्कि संगठन की बुनियादी व्यवस्था पर भी चर्चा होगी। बूथ समितियों की सक्रियता, कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल, क्षेत्रवार राजनीतिक परिस्थितियों और सामाजिक समीकरणों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। कार्यशाला के बाद पूर्णकालिक विस्तारक अपने निर्धारित विधानसभा क्षेत्रों में प्रवास करेंगे। वे चुनाव तक संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने, पार्टी के कार्यक्रमों को बूथ स्तर तक पहुंचाने और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने पर काम करेंगे। भाजपा की इस पहल से स्पष्ट है कि पार्टी चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही संगठन की जिम्मेदारियां तय कर जमीनी गतिविधियों को व्यवस्थित करना चाहती है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि विधानसभा प्रभारी और विस्तारक अपने-अपने क्षेत्रों में तय कार्ययोजना को किस तरह लागू करते हैं और संगठनात्मक गतिविधियों को कितना नियमित बना पाते हैं।