पटना। बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों की समय-सारिणी में बड़ा बदलाव करते हुए शनिवार को हाफ डे (आधा दिन) व्यवस्था लागू कर दी है। शिक्षा विभाग के नए आदेश के अनुसार अब राज्य के सभी सरकारी विद्यालय सोमवार से शुक्रवार तक पूर्व निर्धारित समय सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक संचालित होंगे, जबकि शनिवार को स्कूल केवल सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक खुलेंगे। नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गुरुवार को मदन मोहन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता राज्य के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि बदली हुई समय-सारिणी के तहत कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगी। इसके बाद 12:00 से 12:40 बजे तक मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) कराया जाएगा और भोजन के बाद छात्रों की छुट्टी कर दी जाएगी। वहीं माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शनिवार को दोपहर 1 बजे तक नियमित पठन-पाठन और अन्य गतिविधियां जारी रहेंगी। छात्रों की छुट्टी के बाद भी शिक्षकों को विद्यालय में रहकर पाठ योजना तैयार करने, उत्तर पुस्तिकाओं की जांच, मूल्यांकन कार्य, शिक्षक डायरी अपडेट करने, प्रयोगशाला प्रबंधन और जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए रिमेडियल क्लास जैसे कार्य पूरे करने होंगे। प्रेस वार्ता के दौरान शिक्षा मंत्री ने बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 के तहत चल रही स्थानांतरण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि समायोजन और समानुपातीकरण (रैशनलाइजेशन) के लिए 29 जुलाई से 5 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिनमें राज्यभर से 73,151 शिक्षकों ने आवेदन किया है। सरकार का लक्ष्य पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करना है। इसके तहत 9 सितंबर तक समायोजन और समानुपातीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि पारस्परिक (म्यूचुअल) स्थानांतरण के लिए भी शिक्षकों में उत्साह देखने को मिला है। इस श्रेणी में 4,259 आवेदन प्राप्त हुए हैं और इनका निस्तारण 10 से 14 सितंबर के बीच किया जाएगा। इसके बाद सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी। विभाग 16 सितंबर को संशोधित रिक्त पदों की सूची जारी करेगा। इच्छुक शिक्षक 17 से 23 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद 24 सितंबर से 31 अक्टूबर के बीच स्थानांतरण सूची जारी करने, प्राप्त आपत्तियों और अपीलों का निस्तारण तथा अंतिम आदेश जारी करने की पूरी प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि जो शिक्षक पहले किसी कारणवश आवेदन नहीं कर सके या जो सरप्लस सूची में शामिल थे, उन्हें भी सामान्य स्थानांतरण के दौरान आवेदन का अवसर दिया जाएगा। इससे सभी पात्र शिक्षकों को समान अवसर मिलेगा। राज्य सरकार का मानना है कि नई स्कूल समय-सारिणी से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा, जबकि पारदर्शी स्थानांतरण नीति से शिक्षकों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान होगा। शिक्षा विभाग के इन फैसलों को बिहार की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बड़े प्रशासनिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है।

