देहरादून। उत्तराखंड के समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने शनिवार को विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। कार्यभार संभालने के बाद यह उनकी पहली औपचारिक विभागीय बैठक थी, जिसमें समाज कल्याण विभाग की चल रही योजनाओं, उनकी प्रगति, चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर गहन चर्चा हुई।
बैठक की शुरुआत में मंत्री खजान दास ने स्पष्ट संदेश दिया कि समाज कल्याण विभाग राज्य के सबसे संवेदनशील और जनसरोकार वाले विभागों में शामिल है। इस विभाग की योजनाएं सीधे समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को प्रभावित करती हैं। इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए। इसके लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र विकसित किया जाए। मंत्री ने विभाग की प्रमुख योजनाओं की सिलसिलेवार समीक्षा की। उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन सहायता योजना, छात्रवृत्ति योजनाओं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति, प्रगति और समस्याओं की विस्तृत जानकारी ली। खजान दास ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की निगरानी के लिए नियमित फीडबैक सिस्टम तैयार किया जाए, ताकि किसी भी लाभार्थी को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े। बैठक में मंत्री ने विशेष जोर देते हुए कहा कि विभागीय कार्यों में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लाभार्थियों का डेटा व्यवस्थित किया जाए और योजनाओं की प्रगति को रियल टाइम मॉनिटरिंग से जोड़ा जाए। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश समाप्त होगी। खजान दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने में समाज कल्याण विभाग की अहम भूमिका है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य को विकास के नए आयाम देने की प्रतिबद्धता दोहराई। मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका सही मायने में प्रभावी और परिणामकारी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी अधिकारियों को पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने साफ चेतावनी भी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने यह भी बताया कि जल्द ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में समाज कल्याण से जुड़े सभी विभागों की एक संयुक्त उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और नई रणनीतियां तय करने पर चर्चा होगी। बैठक के अंत में खजान दास ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करें और सरकार की मंशा के अनुरूप योजनाओं को धरातल पर उतारें। इस बैठक से समाज कल्याण विभाग में नई ऊर्जा और जवाबदेही का माहौल बनने की उम्मीद जताई जा रही है।

