उत्तराखंड में मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, फलों को रसायनों से पकाने वाले गोदामों पर एफडीए का छापा

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उत्तराखंड में चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के चरम पर पहुँचते ही शासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सेहत को लेकर मोर्चा संभाल लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों और आयुक्त सचिन कुर्वे के मार्गदर्शन में 'खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन' (FDA) विभाग ने पूरे प्रदेश में विशेष चेकिंग अभियान छेड़ दिया है। मंगलवार को विभाग की टीमों ने चारधाम रूट के होटल-ढाबों से लेकर मंडियों तक छापेमारी की और रसायनों से पकाए जा रहे फलों व सब्जियों के 33 सैंपल एकत्रित किए।

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में यह अभियान विशेष रूप से उन मार्गों पर चलाया जा रहा है, जहाँ से लाखों श्रद्धालु गुजरते हैं। मंगलवार को हुई कार्रवाई में हरिद्वार जिला 'हॉटस्पॉट' रहा, जहाँ से सर्वाधिक 12 सैंपल लिए गए। इसमें गर्मियों में सबसे ज्यादा बिकने वाले तरबूज, खरबूजा, आम और केला के साथ-साथ भिंडी-परवल जैसी सब्जियाँ शामिल हैं। विभाग को शक है कि बाजार में मांग बढ़ने के कारण फलों को पकाने के लिए हानिकारक रसायनों और कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग किया जा रहा है। अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने स्पष्ट किया कि सभी नमूनों को राज्य खाद्य लैब भेज दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लैब रिपोर्ट में पेस्टिसाइड (कीटनाशक) या कृत्रिम रूप से पकाने वाले रसायनों की मात्रा मानकों से अधिक पाई गई, तो संबंधित व्यापारियों पर केवल जुर्माना ही नहीं लगेगा, बल्कि उनके लाइसेंस निलंबित कर कानूनी मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। प्रशासन का मुख्य फोकस चारधाम यात्रा रूट के अस्थायी स्टॉलों और ढाबों पर है। यहाँ न केवल भोजन की गुणवत्ता देखी जा रही है, बल्कि किचन की साफ-सफाई और फूड लाइसेंस की भी गहनता से जांच हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को सुरक्षित और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।