गवाही से पहले ही 'गला घोंट' कर दी गई थी रानी खातून की हत्या; रोहतास पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाई मर्डर मिस्ट्री, कार जब्त

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बिहार के रोहतास और औरंगाबाद जिले की सीमा पर पिछले दिनों बरामद हुई एक महिला की लाश के मामले में पुलिस ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। शिवसागर के कुख्यात अपराधी स्वर्गीय कल्लू खान की पत्नी रानी खातून की हत्या किसी पुराने गैंगवार या दुश्मनी में नहीं, बल्कि अवैध संबंध और ब्लैकमेलिंग के कारण हुई थी। रोहतास पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री को सुलझाते हुए मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए डेहरी के एसडीपीओ गौरव यादव ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि गत 29 जून को डालमियानगर थाना क्षेत्र के मकराइन गांव निवासी फरहान खान ने अपनी मां रानी खातून के अचानक लापता होने और अपहरण की आशंका को लेकर कुछ नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामला एक कुख्यात अपराधी की पत्नी से जुड़ा होने के कारण पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया और छानबीन शुरू की गई। इसी दौरान, गुरुवार को पड़ोसी जिले औरंगाबाद के बारुण थाना क्षेत्र से पुलिस को एक अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई। औरंगाबाद पुलिस ने शव को पहचान के लिए शीतगृह में सुरक्षित रखवा दिया था। सूचना मिलते ही रोहतास पुलिस परिजनों को लेकर मौके पर पहुंची, जहां मृतका की पहचान मकराइन गांव निवासी रानी खातून के रूप में की गई। पुलिस की तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जब कड़ियां जोड़ी गईं, तो कहानी पूरी तरह बदल गई। तफ्तीश में सामने आया कि पति कल्लू खान की मौत के बाद रानी खातून अपने मायके मकराइन में रह रही थी। इसी दौरान पिछले दो वर्षों से उसका मकराइन गांव के ही विकास कुमार नामक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। पुलिस के अनुसार, रानी खातून के पास विकास कुमार की कुछ बेहद आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो थे। इन तस्वीरों के बल पर वह पिछले काफी समय से विकास को ब्लैकमेल कर रही थी और लगातार पैसों व अन्य मांगें मानवाने का दबाव बना रही थी। इस रोज-रोज की ब्लैकमेलिंग और सामाजिक बदनामी के डर से परेशान होकर विकास कुमार ने रानी को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली। साजिश के तहत विकास कुमार ने अपने सहयोगी अविनाश कुमार उर्फ बिट्टू को साथ लिया। वे रानी खातून को बहला-फुसलाकर अपनी स्विफ्ट कार में बैठाकर ले गए। रास्ते में सुनसान जगह देखकर विकास और अविनाश ने चलती कार में ही रानी खातून का गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से उन्होंने शव को औरंगाबाद के बारुण क्षेत्र में ले जाकर फेंक दिया और फरार हो गए। शुरुआती जांच में पुलिस भी इस हत्याकांड को लेकर असमंजस में थी। दरअसल, रानी खातून के पति कल्लू खान की पिछले पंचायत चुनाव के दौरान सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में रानी खातून मुख्य गवाह थी और आगामी 7 जुलाई को अदालत में उसकी महत्वपूर्ण गवाही होने वाली थी। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि गवाही रोकने के लिए विरोधियों ने इस घटना को अंजाम दिया होगा। लेकिन, डेहरी पुलिस की वैज्ञानिक और सटीक जांच ने महज 48 घंटे के भीतर असली कातिलों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेज दिया। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है।