धामी ने संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान को लेकर कांग्रेस को घेरा

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देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पारिवारिक विवाद और कथित वित्तीय अनियमितताओं के प्रकरण पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुलकर अपने मंत्री का बचाव किया है। गुरुवार को देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने 210 करोड़ के कथित घोटाले के आरोपों को सिरे से खारिज किया। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर लोकतंत्र की गरिमा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए प्रदेशभर में कांग्रेस के खिलाफ ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। रेखा आर्या पर लग रहे आरोपों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि किसी के मात्र ऑडियो में कुछ कह देने से आरोप सच साबित नहीं हो जाते। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि कानून पूरी निष्पक्षता से अपना काम कर रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निष्पक्ष जांच जरूरी है और कोई भी गुनहगार बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चेताया कि इस संवेदनशील पारिवारिक और कानूनी मामले का इस्तेमाल किसी भी दल को अपने राजनीतिक फायदे के लिए नहीं करना चाहिए। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मंत्री का आरोप है कि साहू शादी के बाद से ही उन्हें प्रताड़ित कर रहे थे और कंपनी के दस्तावेजों में जालसाजी कर उनका नाम निदेशक पद से हटा दिया। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और मारपीट की कोशिश के आरोप भी लगाए गए हैं। मामले की जांच के लिए एसपी देहात जया बलोनी के नेतृत्व में 10 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी ने मंत्री के बयान दर्ज कर लिए हैं, जिसमें फर्जी दस्तावेजों की बरामदगी को लेकर अहम सुराग मिले हैं। हालांकि, गिरधारी लाल साहू अभी तक फरार है। 

कांग्रेस पर सीधा वारः चलेगा लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान
पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 60 वर्षों तक सत्ता में रहने वाली पार्टी आज लोकतांत्रिक जनादेश को पचा नहीं पा रही है और देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस के इस नैरेटिव के खिलाफ भाजपा 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक राज्यव्यापी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चलाएगी। मतदाता सूची से नाम कटने के विपक्ष के आरोपों पर तंज कसते हुए धामी ने कहा, मेरा खुद का नाम तीन जगहों से हटाकर अंततः खटीमा में रखा गया। वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण होना व्यवस्था की मजबूती है, इसमें क्या बुराई है? चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त तो हाल में आए हैं, जबकि कांग्रेस पिछले कई सालों से लगातार चुनाव हार रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि हाथ में संविधान की प्रति लेकर चलना आसान है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं और जनता के फैसले का सम्मान करना कहीं अधिक जरूरी है।