सेवा संकल्प अभियान के बहुद्देशीय शिविरों से जनता को राहत देने पर जोर, मुख्यमंत्री धामी ने स्टालों का निरीक्षण कर सेवाओं की ली जानकारी 

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देहरादून। उत्तराखंड सरकार का ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रदेश के आम नागरिकों और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच की दूरी को मिटाने में बेहद कारगर साबित हो रहा है। राजधानी देहरादून में आयोजित विशाल बहुउद्देशीय शिविर में शिरकत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य ध्येय सरकारी व्यवस्था को आमजन के सीधे करीब लाना और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के हर जरूरतमंद तक पहुँचाना है।

सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब लोगों को अलग-अलग विभागों के कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए उत्तराखंड सरकार सेवा संकल्प अभियान के तहत बहुद्देशीय शिविरों के माध्यम से विभागीय सेवाओं को आमजन के करीब लाने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य सरकारी व्यवस्था को जनता के नजदीक पहुंचाना और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद तथा पात्र लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि एक ही मंच पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से लोगों को जानकारी प्राप्त करने और अपनी समस्याओं के समाधान में सुविधा मिल रही है। देहरादून में आयोजित बहुद्देशीय शिविर में पहुंचे मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से वहां उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं तथा योजनाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने शिविर में लगाए गए एक स्टाल पर व्यंजनों का स्वाद भी चखा। मुख्यमंत्री ने सेवा संकल्प अभियान को जनसेवा से जोड़ते हुए कहा कि सरकारी सुविधाओं तक आम लोगों की पहुंच आसान बनाना और उनकी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को सरल करना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुद्देशीय शिविर केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए लोगों को संबंधित विभागों से सीधे जोड़ा जा रहा है। जब अलग-अलग विभागों के अधिकारी और कर्मचारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होते हैं, तो नागरिक अपनी जरूरत के अनुसार जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया को समझ सकते हैं। इससे प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जनोन्मुखी बनाने में मदद मिलती है।सरकारी कार्यालयों तक बार-बार पहुंचना कई लोगों के लिए मुश्किल होता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों, बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को कार्यालयों के चक्कर लगाने में समय और पैसा खर्च करना पड़ता है। वहीं, कई बार योजनाओं की जानकारी नहीं होने या आवेदन की प्रक्रिया समझने में परेशानी के कारण पात्र लोग भी सरकारी सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में बहुद्देशीय शिविरों के जरिए सेवाएं लोगों के नजदीक उपलब्ध कराने की पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित शिविरों में लोगों की समस्याएं सुनने, शिकायतों को संबंधित विभागों तक पहुंचाने और उनके समाधान की प्रक्रिया को गति देने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनता और प्रशासन के बीच की दूरी कम करना है, ताकि लोग अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रख सकें और समाधान के लिए अनावश्यक इंतजार से बच सकें। इन शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागों की योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी एक साथ मिलने से नागरिकों को अपनी जरूरत के मुताबिक सही विभाग तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इन प्रयासों की वास्तविक सफलता इस बात से भी तय होगी कि शिविरों में प्राप्त शिकायतों का कितनी तेजी से निस्तारण होता है और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ कितनी प्रभावी ढंग से मिलता है। प्रदेशभर में बहुद्देशीय शिविर आयोजित करने के पीछे सरकार की मंशा जनकल्याणकारी योजनाओं को केवल घोषणाओं और कागजी प्रक्रियाओं तक सीमित न रखकर जरूरतमंदों तक पहुंचाना है। इसके लिए विभागों को एक मंच पर लाकर लोगों को योजनाओं की जानकारी देने और उनकी जरूरतों के अनुसार सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने शिविर के निरीक्षण के दौरान विभागीय सेवाओं की जानकारी लेकर इस व्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया। अब इन शिविरों की उपयोगिता का आकलन इस आधार पर भी होगा कि कितने लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान हुआ, कितने पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ा गया और लंबित मामलों में कितनी तेजी आई। जनता को राहत देने की यह पहल तभी प्रभावी साबित होगी, जब शिविरों में मिली शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो और योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।