पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। घर के पास खेल रहे तीन सगे मासूम भाई पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गए। जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक तीनों बच्चों की डूबने से मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में मातम पसरा है। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद तीनों बच्चों के शव पानी से बाहर निकाले।
हृदयविदारक घटना कसबा थाना क्षेत्र की कुल्लाखास पंचायत के वार्ड संख्या-7 स्थित आलमनगर में हुई। मृतकों की पहचान मो. मोफिजूल (11), मो. तफीजूल (9) और सैराजुल (7) के रूप में हुई है। तीनों आपस में सगे भाई थे। मृतक बच्चों के पिता आलमगीर के मुताबिक रविवार सुबह करीब आठ बजे तीनों बेटे घर के पास खेल रहे थे। खेलते-खेलते तीनों घर से करीब 100 मीटर दूर धर्मकांटा के पास पहुंच गए। इसी दौरान वे पानी से भरे गहरे गड्ढे के पास गए और अचानक संतुलन बिगड़ने से तीनों उसमें गिर गए। बताया गया कि गड्ढे में बारिश का पानी काफी गहरा था। आसपास मौजूद अन्य बच्चों ने तीनों भाइयों को पानी में गिरते देखा तो दौड़कर उनके परिजनों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के लोग घटनास्थल की ओर भागे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। ग्रामीणों ने पानी में उतरकर तीनों बच्चों को बाहर निकाला, मगर उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। आलमगीर के आठ बेटे हैं। एक साथ तीन बेटों की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पिता आलमगीर और मां दुलहरी का रो-रोकर बुरा हाल है। दादा मो. अख्तर और दादी मेहनूर भी बच्चों की मौत से बेसुध हैं। परिवार की चीख-पुकार से पूरे इलाके का माहौल गमगीन हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही कसबा थाना पुलिस और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच पूर्णिया भेज दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में कथित अवैध मिट्टी खनन के कारण जगह-जगह कई फीट गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं। हाल की बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर गया है, लेकिन उन्हें घेरा नहीं गया और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए। ग्रामीणों का कहना है कि खुले और पानी से भरे ये गहरे गड्ढे बच्चों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। यदि समय रहते इनकी भराई या सुरक्षा की व्यवस्था की जाती तो शायद इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे सभी गड्ढों की पहचान कर सुरक्षा व्यवस्था कराने और मिट्टी खनन की जांच की मांग की है। कसबा के अंचलाधिकारी निशांत कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए राजस्व कर्मचारी को घटनास्थल पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद मृतकों के परिजनों को नियमानुसार सरकारी मुआवजा दिया जाएगा। एक ही परिवार के तीन मासूमों की मौत ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और अवैध खनन से बने खुले गड्ढों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के मौसम में ऐसे जलभराव वाले गड्ढे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।

