ऐतिहासिक सौगात: पीएम मोदी ने किया दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण

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ऐतिहासिक सौगात: पीएम मोदी ने किया दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण


देहरादून:

उत्तराखंड के विकास के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11,963 करोड़ रुपये की लागत से बने 213 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का भव्य उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को देश की "भाग्य रेखा" करार दिया।
देवभूमि उत्तराखंड में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करते हुए राज्य के विकास को नई दिशा देने का दावा किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड की जनता, संत समाज और देशभर से जुड़े लोगों को प्रणाम करते हुए की। उन्होंने कार्यक्रम में देरी के लिए क्षमा मांगते हुए बताया कि 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में भारी जनसमर्थन और उत्साह के कारण समय अधिक लग गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर—सड़क, रेल, एयरवे और वॉटरवे—देश की “भाग्य रेखाएं” हैं। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले जहां देश में सालाना 2 लाख करोड़ रुपये से कम इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होता था, वहीं अब यह बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उत्तराखंड में ही 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है।
देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे को क्षेत्र के लिए गेमचेंजर बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे  यात्रा समय कम होगा जिससे ईंधन और परिवहन लागत घटेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, पर्यटन और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह मार्ग उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों—देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम यात्रा—के लिए मुख्य कनेक्टिविटी बनेगा।
प्रधानमंत्री ने आगामी चारधाम यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि देशभर के श्रद्धालु इसका इंतजार करते हैं। उन्होंने पंच बद्री, पंच केदार और पंच प्रयाग का स्मरण करते हुए राज्य की आध्यात्मिक विरासत को नमन किया। साथ ही उन्होंने विंटर टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन में बढ़ती भागीदारी को उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्रधानमंत्री ने यात्रियों और पर्यटकों से अपील की कि देवभूमि की पवित्रता बनाए रखने के लिए स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और प्लास्टिक व कचरे से पहाड़ों को बचाएं। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर भी बनाया गया है।
प्रधानमंत्री ने “नारीशक्ति वंदन अधिनियम” का उल्लेख करते हुए कहा कि 2029 से लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण लागू होना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस दिशा में सहयोग की अपील की। उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने शहीद जसवंत सिंह रावत को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि “वन रैंक वन पेंशन” के तहत 1.25 लाख करोड़ रुपये पूर्व सैनिकों को दिए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि “प्रगति, प्रकृति और संस्कृति” के संतुलन के साथ भारत को विकसित राष्ट्र बनाना लक्ष्य है। उन्होंने देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे को उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए विकास का नया द्वार बताया।
दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे पर बनाए गए एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर को भारतीय वन्य जीव संस्थान ने तीन जोन में बांटा है। इसमे गणेशपुर, मोहंड और आसारोडी देहरादून तक के क्षेत्र को शामिल किया गया है। इसके साथ ही दून से दिल्ली की दूरी मात्र ढाई से तीन घंटे की रह जाएगी। 11,963 करोड़ की लागत से बना 210 किमी लंबा दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर कई मायनों में खास है। दिसंबर 2021 में एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू हुआ था, जो पूरा होने के बाद अब उद्घाटन के लिए तैयार है। दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर एक्सप्रेसवे बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर से होते हुए दून के आशारोड़ी को जोड़ता है। खास है कि एक्सप्रेसवे पर 100 से ज्यादा अंडरपास, कई फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और टनल बनाई गई है।
काफी समय से एक्सप्रेसवे के शुरू होने का लोगों को खासा इंतजार था। इस बीच कई बार उद्घाटन की तिथि की चर्चाएं भी चलीं लेकिन लोगों का इंतजार बढ़ता गया। और आज ये एक्सप्रेस वे पीएम मोदी ने जनता को समर्पित किया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आज उत्तराखंड को ऐसी सौगात दी जा रही है जो यहां के विकास को नई गति देगी। जॉन एफ कैनेडी ने कहा था कि अमेरिका की सड़कें अच्छी नहीं क्योंकि अमेरिका अमीर देश है। यहां देहरादून, हरिद्वार और पूरे उत्तराखंड के लिए एक नई राह खुलने वाली है। 213 किलोमीटर का है। दिल्ली से देहरादून जाने के लिए दो से सवा दो घंटे में सफर होगा। सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक का कॉरिडोर जून में करेंगे लोकार्पण। 1700 करोड़ का देहरादून का 4 लेन बाइपास हम करेंगे। 2300 करोड़ से हरिद्वार में 4 लेन बाईपास का जल्द काम शुरू करेंगे। 800 करोड़ का देहरादून से मसूरी 2 लेन की डीपीआर बन रही है। इसे भी जल्द शुरू करेंगे। 5200 करोड़ से टनकपुर पिथौरागढ़ होकर लिपुलेख मार्ग बनाया जा रहा है। यह सालभर में पूरा हो जाएगा। 640 किमी का ऑल वेदर रोड का काम पूरा हुआ। केदारनाथ में 1300 करोड़ का रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड तक दिसंबर 2026 तक शुरू करेंगे। यमुनोत्री में 2500 करोड़ से धरासू से यमुनोत्री तक का काम हम 2028 तक पूरा करेंगे। भूस्खलन के लिए हमने योजनाएं तैयार की हैं। 4300 करोड़ से 296 कार्यों को हमने मंजूरी दी है। 5800 करोड़ के 194 कार्यों की तैयारी हो रही है। सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12 किमी रोपवे बनाने का काम शुरू हुआ। गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब का 12.4किमी रोपवे बनाया जा रहा है। अनेक जगह पर सड़क के बजाय हम टनल बना रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड के भविष्य को हम बदलेंगे। पर्यटन में इजाफा होगा। युवाओं को रोजगार मिलेगा।
सीएम धामी ने कहा कि जब भी पीएम मोदी आए हैं कोई ना कोई सौगात दी है। पीएम मोदी ने उत्तराखंड में पर्यटन को नया विजन दिया है। आज इस कॉरिडोर की सौगात लेकर आए हैं। 2027 के चुनाव में भी हम कमल खिलाएंगे। एक्सप्रे, वे पर सबसे खास और अहम शिवालिक की पहाड़ियों यानी मोहंड में बना 12 किलोमीटर लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जो एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर माना जा रहा है। इस कॉरिडोर को इस तरह बनाया गया कि वाहन भी फर्राटा भरेंगे और वन्यजीवों की आवाजाही भी प्रभावित नहीं होगी, वन्यजीवों को वाहनों की आवाज भी सुनाई नहीं देगी। इसके लिए बाकायदा साउंड प्रूफ शीट लगाई गई हैं। पीएम बनने के बाद मोदी मंगलवार को 28वीं बार उत्तराखंड पहुंचे। उन्होंने 11,963 करोड़ की लागत से बने 213 किमी लंबे दून-दिल्ली ऐलिवेटेड एक्सप्रेस-वे की सौगात दी। इसके अलावा एक हजार मेगावाट क्षमता के देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी लोकार्पण करेंगे। बता दें कि मोदी, प्रधानमंत्री बनने के बाद पांच बार केदारनाथ आ चुके हैं, साथ ही बदरीनाथ व मुखबा का भी दौरा कर चुके हैं। बीते वर्ष मार्च में उत्तरकाशी जिले में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा पहुंचकर प्रधानमंत्री ने शीतकालीन यात्रा का संदेश दिया था।  इस दौरान मंच पर केंद्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री अजय टम्टा, पूर्व सीएम विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, त्रिवेंद्र रावत, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, मंत्री मदन कौशिक, सुबोध उनियाल, खजान दास, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सौरभ बहुगुणा, भरत चौधरी मौजूद रहे।