govt-ads
govt-ads

चमोली जिले की थराली विधानसभा सीट पर भाजपा से कर्णप्रयाग के पालिकाध्यक्ष गणेश शाह ने भी ताल ठोक दी है।

Blog
 Image

थराली विधानसभा सीट पर गणेश शाह ने ठोकी ताल 


चमोली 


चमोली जिले की थराली विधानसभा सीट पर भाजपा से कर्णप्रयाग के पालिकाध्यक्ष गणेश शाह ने भी ताल ठोक दी है। इसके चलते अब दावेदारी को लेकर थराली विधानसभा सीट पर भाजपाइयों में संग्राम छिड़ने के आसार बढ़ गए हैं। 

 


थराली के पूर्व विधायक दिवंगत मगन लाल  शाह तथा पूर्व विधायक दिवंगत मुन्नी शाह के बेटे गणेश शाह ने अनुसूचित जाति आरक्षित थराली विधानसभा सीट पर दावेदारी का मन बना दिया है। गणेश शाह मौजूदा दौर में कर्णप्रयाग के पालिकाध्यक्ष पद पर आसीन हैं। वह चमोली जिला पंचायत के कोठली वार्ड से सदस्य भी रह चुके हैं। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष पद पर भी उन्होंने सांगठनिक तौर पर अपने दायित्व का निर्वहन किया है। यकायक विधायक रहते हुए गणेश के पिता मगन लाल शाह की अकस्मात मौत हो गई थी। इसके चलते इस खाली हुई सीट पर भाजपा ने तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष व उनकी पत्नी मुन्नी देवी शाह को मैदान में उतारा था। मुन्नी देवी शाह ने विधायकी का कार्यकाल पूरा तो किया किंतु भाजपा ने 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें मैदान में नहीं उतारा। विधानसभा चुनाव भाजपा ने भूपाल राम टम्टा पर दांव चला। भूपाल राम टम्टा जीत दर्ज करने में सफल रहे। इस तरह अब जबकि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है तो इस सीट पर भी अन्य दावेदार उम्मीदवारी को दावेदारी जताने लगे है। गणेश शाह की दावेदारी को इसी रूप में देखा जा रहा है। हालांकि दावेदारी के सवाल पर गणेश ने कहा कि वह पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता है और संगठन की मजबूती को समर्पित हैं। इसके बावजूद वह लगातार थराली विधानसभा क्षेत्र के हर सांगठनिक और सामाजिक कार्यक्रमों में अपनी सक्रियता प्रदर्शित कर दावेदारी को हवा दे रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि यदि पार्टी ने उन पर भरोसा जताया तो वे पार्टी की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे। शीर्ष नेतृत्व के मार्ग दर्शन में वह पार्टी के लिए अपने दायित्वों का निर्वहन कर आम लोगों की उम्मीदों को भी साकार करेंगे। 
मौजूदा विधायक भूपाल राम टम्टा अपनी उम्मीदवारी के रिपीट होने की संभावना के चलते लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस तरह की सक्रियता से इस बार संकेत मिल रहे हैं कि टम्टा को पूरी उम्मीद है कि वह इस बार भी पार्टी प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज कर सरकार बनाने का मार्ग प्रशस्त करेंगे। थराली के युवा नेता नरेंद्र भारती भी दावेदारी को लेकर ताल ठोक रहे हैं। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चे के जिलाध्यक्ष के रूप में वह भी पार्टी कार्यक्रमों में लगातार सक्रियता  प्रदर्शित कर रहे हैं। एक दौर में राज्य के पहले चुनाव में उनके पिता प्रेम लाल भारती भी चुनाव मैदान में उतरे थे। 2002 के चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने प्रत्याशी के रूप में गोविंद लाल शाह ने जीत दर्ज की थी। वह 2007 में भी वह तत्कालीन पिंडर सीट से दूसरी बार भाजपा के विधायक बने थे। हालांकि जड़ी बूटी सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष बलवीर घुनियाल भी टिकट के लिए दावेदारी लंबे अर्से से कर रहे हैं। 2018 के थराली उप चुनाव में उन्होंने अपनी दावेदारी जताई थी किंतु तब भाजपा ने दिवंगत मगन लाल शाह की पत्नी मुन्नी शाह मैदान में उतारा था। थराली सीट पर कांग्रेस के डा. जीत राम 2012 में चुनाव जीते थे। इस तरह कहा  जा सकता  है 2002, 2007, 2017, 2018 (उप चुनाव) तथा 2022 में इस सीट पर भाजपा ने ही परचम लहराया।