चमोली
सेवा पखवाड़ा की सांस्कृतिक संध्या में बिखरी उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति, क्राइस्ट अकादमी रही प्रथम
'सेवा, सुशासन एवं समर्पण' थीम पर आयोजित सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत शनिवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोपेश्वर ऑडिटोरियम में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया।

जनपद के विभिन्न विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने लोकनृत्य, गढ़वाली लोकनृत्य, छोलिया नृत्य, जागर शैली में गायन, स्वागत गीत, नाटी नृत्य तथा अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति एवं परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन कर उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भेषज संघ के अध्यक्ष सतेंद्र असवाल ने की। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने मुख्य अतिथि का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुत लोक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने न केवल दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया, बल्कि 'सेवा, सुशासन एवं समर्पण' के संदेश को संस्कृति के माध्यम से जन-जन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने का कार्य भी किया।

सांस्कृतिक संध्या में अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज गोपेश्वर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गोपेश्वर, राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय नैग्वाड, सुबोध प्रेम विद्या मंदिर गोपेश्वर, उत्तराखण्ड पब्लिक स्कूल गोपेश्वर, श्री रा.च.भ.स.वि.म.इ.का. गोपेश्वर, श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल गोपेश्वर, आदर्श विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गोपेश्वर, क्राइस्ट अकादमी कोठियालसैंण, इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कोठियालसैंण, राजकीय नर्सिंग कॉलेज गोपेश्वर तथा पीजी कॉलेज गोपेश्वर के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिसमें क्राइस्ट अकादमी, कोठियालसैंण ने उत्कृष्ट प्रस्तुति के आधार पर प्रथम, सुबोध प्रेम विद्या मंदिर, गोपेश्वर ने द्वितीय तथा आदर्श वि.म.इ.कॉलेज, गोपेश्वर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

विजेता प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम का संचालन मनोज तिवारी एवं पृथ्वी सिंह रावत ने प्रभावी ढंग से किया।
इस अवसर पर सभासद दीपक भट्ट, दीपक बिष्ट एवं संजय कुमार, परियोजना निदेशक आनंद कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षकगण, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

