स्कूल सुरक्षा की बहाली: देहरादून पुलिस सुनिश्चित कर रही है कि कैंट क्षेत्रों में कोई अवैध गतिविधि अनसुनी न रहे

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देहरादून। राजधानी देहरादून के पॉश इलाके कैंट में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने न केवल कानून-व्यवस्था, बल्कि समाज की नैतिकता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा के जिस मंदिर में बच्चों का भविष्य गढ़ा जाता है, उसी स्कूल परिसर के पिछले हिस्से में जिस्मफरोशी का काला कारोबार फल-फूल रहा था। थाना कैंट पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू ) ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस घिनौने धंधे का पर्दाफाश किया है। एसएसपी देहरादून, प्रमेंद्र डोबाल को किशन नगर एक्सटेंशन क्षेत्र में अनैतिक देह व्यापार संचालित होने की गोपनीय सूचना मिली थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल के नेतृत्व में एएचटीयू और कैंट पुलिस की एक विशेष टीम गठित की। पुलिस टीम ने जब किशन नगर स्थित स्कूल के पिछले भाग में औचक छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। स्कूल परिसर के भीतर ही आपत्तिजनक स्थिति में महिलाएं और पुरुष मिले, जिनके पास से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री और एक स्विफ्ट कार बरामद हुई है।

पुलिस जांच और रेस्क्यू की गई युवतियों के बयानों से एक हृदयविदारक सच्चाई सामने आई है। गिरफ्तार किए गए आरोपी बेहद शातिराना ढंग से काम करते थे। वे मेरठ, मुजफ्फरनगर और दिल्ली जैसे शहरों से आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद महिलाओं को 'अच्छी नौकरी' दिलाने का झांसा देकर देहरादून बुलाते थे। जब महिलाएं यहां पहुंचती थीं, तो उनकी मजबूरी और आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर उन्हें डरा-धमकाकर इस दलदल में धकेल दिया जाता था। सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल ने बताया कि पकड़े गए तीन आरोपियों में से मुख्य सरगना पहले भी अनैतिक देह व्यापार के मामलों में जेल जा चुका है। जेल से छूटने के बाद उसने फिर से वही धंधा शुरू कर दिया और इस बार सुरक्षित ठिकाने के तौर पर स्कूल परिसर को चुना। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और मौके से मिली कार को सीज कर दिया गया है। स्कूल जैसी जगह पर इस तरह की गतिविधि संचालित होने से स्थानीय निवासियों में भारी रोष और दहशत है। स्थानीय पार्षद नंदिनी शर्मा ने बताया कि उन्हें पिछले कुछ समय से संदिग्ध गतिविधियों की भनक लग रही थी। उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि अपराधी अब स्कूलों को अपना अड्डा बना रहे हैं। पुलिस ने रेस्क्यू की गई तीनों महिलाओं को नारी निकेतन भेजने और उन्हें आवश्यक काउंसलिंग व कानूनी सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। देहरादून पुलिस की इस कार्रवाई ने अपराधियों को सख्त संदेश दिया है, लेकिन स्कूल प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या स्कूल प्रबंधन के किसी व्यक्ति को इस बात की जानकारी थी या नहीं। इस खुलासे के बाद पूरे शहर में सुरक्षा और स्कूलों की निगरानी को लेकर नई बहस छिड़ गई है।