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27 सूत्रीय मांगों को लेकर डिप्लोमा इंजीनियर्स का सचिवालय कूच, पुलिस ने रोका 

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27 सूत्रीय मांगों को लेकर डिप्लोमा इंजीनियर्स का सचिवालय कूच, पुलिस ने रोका 

देहरादून।

27 सूत्रीय मांगों को लेकर नाराज उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने सचिवालय कूच किया।‌ इस दौरान पुलिस द्वारा पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया, जिससे गुस्साएं नाराज़ सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। 

सोमवार को उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के नेतृत्व में 27 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर से आएं अभ्यर्थी उत्तरांचल प्रेसक्लब के सामने एकत्रित हुए और यहां से रैली निकालकर जैसे ही सचिवालय की ओर बढ़े तो पुलिस ने पहले से ही बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया, जिससे गुस्साएं अभ्यर्थी सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। 

प्रांतीय अध्यक्ष इं. आरसी शर्मा ने बताया कि उत्तराखंड शासन द्वारा डिप्लोमा इंजीनियर्स की समस्याओं पर कोई सकारात्मक संज्ञान नहीं लिया गया। जिससे नाराज अभ्यर्थियों ने आज सचिवालय कूच किया। उन्होंने कहा कि आज की रैली के बाद भी मांगे नहीं मानी गई तो आगे हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन की होगी।

महासचिव इं. वीरेन्द्र गुसांई ने कहा कि प्रदेश के सभी अभियंता एकजुट हैं और रैली ऐतिहासिक होगी। गढ़वाल मंडल अध्यक्ष इं. आशीष यादव ने स्पष्ट किया कि अभियंता अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर अंतिम निर्णय तक संघर्ष करेंग।

 डिप्लोमा इंजीनियर्स की वर्ष 2006 से चली आ रही वेतन विसंगति दिनांकूर्ण समाधान करते हुए प्रारंभिक ग्रेड वेतन रू0 4600 प्रदान किया जाए।डिप्लोमा इंजीनियर्स को 10,16 एवं 26 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर समयबद्ध पदोन्निति एवं पदोन्नत वेतनमान सुनिश्चित किया जाए। 1 जनवरी 2014 के पश्चात नियुक्त कनिष्ठ अभियन्ताओं को 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर ग्रेड पे रू0 5400 (लेवल-10) का लाभ प्रदान किया जाए। 1 अक्टूबर 2005 के पश्चात नियुक्त अभियन्ताओं हेतु पुरानी पेंशन बहाल की जाए।विभागों में पदोन्नति अनुपात में सुधार, तकनीकी संवर्ग का पुनर्गठन एवं रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति की जाए।फील्ड में कार्यरत अभियन्ताओं को सामाजिक सुरक्षा बीमा की सूविधा प्रदान की जाए।उत्तराखण्ड में कार्यरत बहारी कार्यदायी संस्थाओं के स्थान पर उत्तराखण्ड की कार्यदायी संस्थाओं से कार्य करवाए जाए।उत्तराखण्ड पेयजल विभागों का एकीकरण करते हुए राजकीय करण किया जाए।अभियन्ताओं की पदोन्नति हेतु समान अवसर उपलब्ध न होने के कारण सहायक अभियन्ता से ऊपर के पदों पर पदोन्नति हेतु समानान्तर गैलरी की व्यवस्था की जाए।. आवास विभाग में नव नियुक्त डिप्लोमा इंजीनियर्स को अशदायी पेंशन योजना का लाभदिया जाए।