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उत्तराखंड बारिश अलर्ट: भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत

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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ाता नजर आ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 12 सितंबर तक राज्य में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। सोमवार 7 सितंबर से लेकर शनिवार 12 सितंबर तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। सोमवार को छह जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के बीच पर्वतीय जिलों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। सबसे ज्यादा असर सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में देखने को मिल रहा है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश और जगह-जगह भूस्खलन के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिले में 24 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद पड़े हैं। इसके चलते हजारों ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है। हालात को देखते हुए सोमवार को जिले के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। पिथौरागढ़ में बारिश और भूस्खलन ने चीन सीमा से जुड़े मार्गों पर भी असर डाला है। धारचूला क्षेत्र के तवाघाट-सोबला और तवाघाट-गुंजी मोटर मार्ग पर मलबा आने से आवाजाही ठप है। इन मार्गों के बंद होने से सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के साथ-साथ जरूरी सामान की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। कैलाश मानसरोवर, आदि कैलाश और व्यास घाटी को जोड़ने वाला तवाघाट-गुंजी मार्ग बीते शनिवार से कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण बंद है। एस बैंड के पास भारी बारिश के चलते सड़क का एक बड़ा हिस्सा वॉशआउट हो गया है। लगातार तीसरे दिन भी इस मार्ग पर यातायात बहाल नहीं हो सका। मार्ग बंद होने से कई वाहन और यात्री गुंजी तथा धारचूला की ओर फंसे हुए हैं। वहीं, दारमा घाटी को चीन सीमा से जोड़ने वाला तवाघाट-सोबला मार्ग भी पंगबावे समेत कई स्थानों पर मलबा आने के कारण बंद है। इससे घाटी में आवाजाही के साथ ही जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सोमवार 7 सितंबर को उत्तराखंड के सभी जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चमोली जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राज्य के अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने का खतरा बना रहेगा। मंगलवार 8 सितंबर और बुधवार 9 सितंबर को भी प्रदेशभर में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं बारिश के तेज से बहुत तेज दौर देखने को मिल सकते हैं। 8 सितंबर को देहरादून, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, अल्मोड़ा और चंपावत जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के 12 सितंबर तक के पूर्वानुमान को देखते हुए पर्वतीय इलाकों में प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। लगातार बारिश के बीच संवेदनशील सड़कों, नदी-नालों और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी होगा।