देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में महिला चालक-परिचालकों और कर्मचारियों को किया सम्मानित

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देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में महिला चालक-परिचालकों और कर्मचारियों को किया सम्मानित

मंत्री प्रदीप बत्रा बोले— महिलाओं की भागीदारी से परिवहन व्यवस्था  होगी और मजबूत

देहरादून।

चारधाम यात्रा  की तैयारियों के तहत उत्तराखंड परिवहन विभाग द्वारा देहरादून में “नारी शक्ति – सड़क सुरक्षा संकल्प” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को सशक्त बनाना और परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना रहा। आयोजन डॉ. अनीता चमोला, आरटीओ (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा), देहरादून संभाग के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा जैसे बड़े आयोजन में सुरक्षित, व्यवस्थित और संवेदनशील परिवहन व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। महिलाओं की भागीदारी इस व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाती है।
इस अवसर पर मनीषा  बत्रा ने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और परिवहन जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में उनकी भागीदारी समाज के लिए प्रेरणादायक है।
संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा ने कहा कि विभाग महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। बेहतर प्रशिक्षण, सुरक्षा प्रोटोकॉल और सुविधाओं के माध्यम से समावेशी परिवहन तंत्र विकसित किया जा रहा है।
आरटीओ डॉ. अनीता चमोला ने बताया कि वर्तमान में उत्तराखंड परिवहन विभाग में लगभग 120 महिला अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं, जो प्रवर्तन कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम में महिला कर्मचारियों ने कार्यस्थल की सुरक्षा, प्रशिक्षण, सुविधाओं और समान अवसरों से जुड़े मुद्दे उठाए। साथ ही महिला चालकों और परिचालकों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम और प्रोत्साहन योजनाओं पर जोर दिया गया।
इस दौरान परिवहन क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली कई महिलाओं को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इनमें ऑटो चालक, महिला चालक-परिचालक, ड्राइविंग प्रशिक्षु और परिवहन निगम की महिला कर्मचारी शामिल रहीं।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित व अनुशासित परिवहन व्यवस्था स्थापित करने का सामूहिक संकल्प लिया।