वजली गांव की महिलाओं का ऐलान: सुरक्षा के बिना बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे

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पौड़ी गढ़वाल। पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर स्थित वजली गांव में मंगलवार शाम आंगन में खेल रही चार वर्षीय बच्ची को गुलदार द्वारा निवाला बनाए जाने के बाद समूची घाटी में भारी आक्रोश फैल गया है। घटना से गुस्साए ग्रामीणों का विरोध बुधवार को और उग्र हो गया। मौके पर वार्ता करने पहुंचीं एसडीओ आयशा बिष्ट को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा और लोगों ने उन्हें करीब 15 मिनट तक एक कमरे में बंधक बनाए रखा। इस दौरान डीएफओ के साथ भी धक्का-मुक्की हुई। देवप्रयाग-पौड़ी स्टेट हाईवे को जाम करने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों का हुजूम पौड़ी मुख्यालय पहुंच गया और डीएम के मौके पर न पहुंचने के विरोध में कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। उधर, बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए वन विभाग ने गुलदार को ढेर करने के आदेश जारी कर दिए हैं और मशहूर शिकारी जॉय हुकिल समेत विभागीय शूटरों को तैनात कर दिया है। हृदयविदारक घटना मंगलवार शाम करीब 6 बजे घटी। वजली गांव निवासी कृष्ण कुमार व बबीता देवी की 4 वर्षीय पुत्री आरुषि अपने ननिहाल आई हुई थी। वह घर के आंगन में खेल रही थी, तभी घात लगाए गुलदार ने अचानक उस पर हमला कर दिया। पास में ही खेल रहा आरुषि का 7 वर्षीय भाई आर्यन अपनी आंखों के सामने बहन को गुलदार के जबड़े में देखकर चीख पड़ा। गुलदार बच्ची को घसीटते हुए जंगल की तरफ ले गया। परिजनों और ग्रामीणों ने फौरन शोर मचाते हुए खोजबीन शुरू की। करीब 100 मीटर दूर झाड़ियों में आरुषि का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। ग्रामीणों के अनुसार, गुलदार दिन से ही गांव में घूम रहा था और उसने एक अन्य बच्ची पर भी झपटने की कोशिश की थी, लेकिन वह भागकर घर में घुस गई जिससे उसकी जान बच गई।

विधायक की गाड़ी पर चढ़ीं महिलाएं, एक घंटे तक बंधक रहे जनप्रतिनिधि
घटना की सूचना पर मंगलवार देर शाम पहुंचे क्षेत्रीय विधायक राजकुमार पोरी को ग्रामीणों के तीव्र आक्रोश का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने विधायक को घेर लिया, जिसके बाद उन्हें जमीन पर बैठकर बात सुननी पड़ी। जब लोगों ने वन मंत्री सुबोध उनियाल से फोन पर बात कराने की जिद की, तो भारी हंगामे के बीच बात स्पष्ट न होने पर भीड़ भड़क उठी। पुलिसकर्मियों ने विधायक को उनकी गाड़ी में बैठाया, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने वाहन को चारों तरफ से घेर लिया। विधायक करीब एक घंटे तक कार में ही फंसे रहे। इस दौरान महिलाएं गाड़ी के बोनट पर चढ़ गईं और सरकार व प्रशासन के खिलाफ तीखी नारेबाजी की। बाद में पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर विधायक को सुरक्षित निकाला।

गमगीन माहौल में श्रीनगर एनआईटी घाट पर अंतिम संस्कार
बुधवार सुबह शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद प्रशासन की सहमति से श्रीनगर स्थित एनआईटी घाट पर मासूम आरुषि का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजन पैतृक घाट पर अंत्येष्टि की मांग पर अड़े थे, लेकिन हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें मनाया। गढ़वाल डीएफओ महातिम यादव ने बताया कि गुलदार को मारने की संस्तुति मिलने के बाद शूटर जॉय हुकिल और विभागीय शूटरों को क्षेत्र में उतार दिया गया है। वहीं, बुधवार दोपहर प्रदर्शनकारी ग्रामीण पौड़ी एजेंसी चौक से रैली निकालते हुए डीएम कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों का दो टूक कहना है कि जब तक गुलदार मारा नहीं जाता और पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होते, उनका आंदोलन थमेगा नहीं।