पटना। बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार में प्रशासनिक स्तर पर एक बार फिर बहुत बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक झटके में 90 अंचलाधिकारियों (सीओ) के तबादले की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। जून का महीना समाप्त होने में अब महज कुछ ही दिन शेष हैं, ऐसे में विभिन्न विभागों में ट्रांसफर-पोस्टिंग का दौर चरम पर है। सरकारी नियमों के मुताबिक 30 जून तक कई अन्य विभागों में भी बड़े पैमाने पर अधिकारियों को इधर से उधर किए जाने की तैयारी है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार, स्थानांतरित होने वाले 90 अंचलाधिकारियों में कई चर्चित नाम शामिल हैं। इस फेरबदल से पूरे राज्य के अंचल कार्यालयों और सचिवालय में भारी हलचल है। पूजा कुमारी, संजीव कुमार, सतेन्द्र कुमार, राकेश शर्मा, राजेश कुमार, कुमार शिवम, श्रीनिवाश कुमार सिंह, शम्मी कुमार, कुमारी सरिता रानी, अंकुर राय, सुभाग्य, सुमधुनिता कुमारी, सुनील कुमार, आदर्श गौतम, रंजीत कुमार, रंजन कुमार बैठा, अजय कुमार रंजन, सुमन सौरभ, सतीश कुमार गुप्ता, डेजी सिंह, सुसलोनी करण, मनोरंजन शुक्ला, उमा कुमारी, आशीष कुमार, अभिनव राज, अजीत कुमार, राकेश आनंद, पूनम भारती, विवेक कुमार, निरंजन सुमन, विकेश कुमार, हिन्दुजा भारती श्री, मो. अमीर हुसैन, सदानन्द कुमार, विशाल अग्रवाल, गोपाल कुमार, लखेन्द्र कुमार, सुप्रीति कुमारी, पुष्कल कुमार, गौतम कुमार, धीरज कुमार, कुमारी रूपम शर्मा, मणिकांत कुमार, विनीत व्यास, चंदन चौधरी, कौशल कुमार, प्रभाष कुमार, अंशु कुमार, दिलीप कुमार, रवि कुमार, आदित्य शंकर, मो० जमशेद, अभिषेक आनन्द, संतोष कुमार, विवेक कुमार सिंह, सुप्रिया आर्याणी, रवि शेखर, सर्वेश कुमार सिन्हा, गीता कुमारी, अविनाश कुमार, आशीष आनन्द, उदयन सिंह, पुनम दीक्षित और मनीष कुमार समेत कुल 90 अधिकारी शामिल हैं। दरअसल, बिहार में जून के महीने में विभागीय स्तर पर व्यापक तबादले की एक खास व्यवस्था रही है। नीतीश कुमार ने अपने मुख्यमंत्री काल के दौरान इस नीति को लागू किया था ताकि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और कसावट लाई जा सके। वही पुरानी व्यवस्था आज भी कायम है। इसी सिलसिले में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जून महीने की समाप्ति से ठीक पहले ट्रांसफर की इस बड़ी सूची पर मुहर लगाई है। आपको बता दें कि इस महीने अब तक कुल डेढ़ सौ (150) अंचलाधिकारियों का तबादला किया जा चुका है। इससे ठीक पहले विभाग ने 60 सीओ का ट्रांसफर किया था, जिसके बाद यह दूसरी बड़ी सूची सामने आई है। बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग हमेशा से सबसे अधिक चर्चा और विवादों में रहने वाला विभाग रहा है। पूर्व के वर्षों में कई बार इस विभाग में हुए थोक भाव में तबादलों को मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद रद्द या स्थगित भी करना पड़ा था, जिस पर भारी सियासी घमासान मचा था। दिलचस्प बात यह है कि एनडीए सरकार में यह अहम विभाग पहले भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कोटे में ही था और वर्तमान में भी भाजपा के पास ही है। पहले डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा इस विभाग के मंत्री हुआ करते थे, जबकि वर्तमान कैबिनेट में डॉ. दिलीप जायसवाल इस हाई-प्रोफाइल विभाग की कमान संभाल रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार को रोकने और कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

