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अंतरराष्ट्रीय एआई समिट विरोध के बाद भाजपा नेताओं का राहुल गांधी पर हमला

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नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान कांग्रेस के शर्टलेस विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि खराब करने की कोशिश करार दिया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जिस नाटकीय तरीके से कांग्रेस ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर विरोध प्रदर्शन किया, वह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने इसे देश के सम्मान पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि जब पूरा विश्व भारत की तकनीकी, आर्थिक और सामरिक शक्ति को स्वीकार कर रहा है, उस समय इस प्रकार का व्यवहार देशहित के खिलाफ है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब एक जिम्मेदार राजनीतिक दल की तरह आचरण नहीं कर रही, बल्कि “देश विरोधी सोच” का प्रतीक बनती जा रही है। सीएम धामी ने आगे कहा कि कोई भी राजनीतिक दल यदि देश की सेना, राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हितों पर लगातार सवाल उठाता है, तो वह केवल कमजोर विपक्ष नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी चुनौती बन सकता है। उन्होंने कहा कि देश विरोधी राजनीति करने वालों को जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे वैश्विक आयोजनों में राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया जाना चाहिए।

इस मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका की ओर बढ़ रहा है और दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष तथा वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद हों, उस समय इस तरह का विरोध प्रदर्शन दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार, कांग्रेस नेताओं और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल पर हंगामा कर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। महेंद्र भट्ट ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन राष्ट्रीय प्रतिष्ठा से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान अराजकता फैलाना उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने इसे “देश विरोधी मानसिकता” का उदाहरण बताते हुए कहा कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि सोची-समझी रणनीति प्रतीत होती है। उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग “मोहब्बत की दुकान” की बात करते हैं, वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी राजनीतिक हंगामा करने से नहीं चूकते। भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तकनीकी नवाचार, विशेषकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में विपक्ष को सकारात्मक सहयोग देना चाहिए, न कि वैश्विक मंचों पर विरोध के जरिए देश की छवि धूमिल करने का प्रयास करना चाहिए। देहरादून में दिए गए इन बयानों के बाद राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। भाजपा ने इसे राष्ट्रीय गौरव से जुड़ा मुद्दा बताया है, जबकि कांग्रेस की ओर से इस पर अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। फिलहाल, AI समिट में हुए विरोध प्रदर्शन ने राष्ट्रीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है और आने वाले दिनों में इस पर बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।