कोसी का बढ़ता कहर! सहरसा में घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी, सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन शुरू

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सहरसा। बिहार में एक बार फिर 'बिहार का शोक' कही जाने वाली कोसी नदी का रौद्र रूप लोगों में दहशत पैदा कर रहा है। नेपाल के तराई क्षेत्रों और बिहार में लगातार हो रही बारिश के कारण कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसका असर अब सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड के केदली पुनर्वास वार्ड संख्या-11 समेत कई निचले इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है, जहां बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। हालात ऐसे हैं कि लोगों ने अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों और ऊंचे तटबंधों की ओर पलायन शुरू कर दिया है। पूरे इलाके में भय और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

बाढ़ के पानी ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई घर जलमग्न हो चुके हैं, जिससे लोगों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है। रसोई तक पानी पहुंच जाने से खाना बनाना संभव नहीं रह गया है। स्वच्छ पेयजल की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। वहीं मवेशियों के लिए चारा और सुरक्षित स्थान की व्यवस्था भी बड़ी चुनौती बन गई है। सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। बाढ़ प्रभावित परिवार जरूरी सामान समेटकर ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। जिन लोगों के पास जाने के लिए कोई सुरक्षित विकल्प नहीं है, वे अपने घरों में ही पानी के बीच रहने को विवश हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। गांव की सड़कें पानी में डूब जाने से आवागमन लगभग ठप हो गया है। लोगों को दैनिक उपयोग का सामान लाने, बच्चों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और बीमार मरीजों को अस्पताल ले जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर नाव ही एकमात्र सहारा बनती नजर आ रही है। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री, खाद्यान्न, स्वच्छ पेयजल, नावों की व्यवस्था और मेडिकल टीम भेजने की मांग की है। उनका कहना है कि हर वर्ष बाढ़ आने पर उन्हें इसी तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भयावह हो सकती है। ग्रामीण शांति देवी ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा, "रात से ही कोसी का पानी हमारे घरों में घुस रहा है। पीने के पानी की भारी समस्या हो गई है। खाना नहीं बना पा रहे हैं और अभी तक सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिली है। अब हमें सुरक्षित जगहों की ओर जाना पड़ेगा विशेषज्ञों के अनुसार नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कोसी नदी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। कोसी बराज पर जलस्तर बढ़ने के बाद बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे बिहार के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है। नदी का फैलाव लगातार बढ़ने से आसपास के गांवों में भी चिंता बढ़ती जा रही है। प्रशासन की ओर से हालात पर नजर रखे जाने की बात कही जा रही है, लेकिन प्रभावित परिवारों का कहना है कि राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने की जरूरत है। बाढ़ पीड़ितों की निगाहें अब प्रशासन पर टिकी हैं कि राहत सामग्री, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षित पुनर्वास की व्यवस्था कितनी जल्दी प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचती है। हर साल कोसी का बढ़ता जलस्तर बिहार के हजारों परिवारों के लिए संकट लेकर आता है। इस बार भी हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। यदि बारिश और जलस्तर में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में बाढ़ का दायरा और बढ़ सकता है। ऐसे में समय पर राहत, प्रभावी बचाव और दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन ही लाखों लोगों को इस आपदा से सुरक्षित निकालने का सबसे बड़ा सहारा साबित होगा।