थराली/चमोली -
प्राइवेट स्कूलों में मनमानी फीस से तंग आकर सरकारी विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं छात्र- छात्राएं।
विकासखंड थराली में सरकारी विद्यालयों में शिक्षा में अभिभावकों व जनप्रतिनिधियों का बढ़ता विश्वास देख नवीन प्रवेश में अच्छी खासी संख्या बढ़ोतरी हुई है और निजी व प्राइवेट विद्यालयों के प्रति रूझान कम हुआ है, व प्राइवेट या निजी विद्यालयों के मनमानी फीस से लोगों का रुझान घटा है।
वहीं सरकारी विद्यालयों के प्रति अभिभावकों व जनता का बच्चों का अच्छा प्रदर्शन से मनोबल बढ़ा हैं, जिस प्रकार विकासखंड थराली के 07 छात्र -छात्राओं ने जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की हैं, वहीं निजी विद्यालयों के एक भी छात्र- छात्राओं द्वारा परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की गई है, वहीं सरकारी विद्यालयों में सभी अभिभावकों द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम का बखूबी अध्ययन किया गया।
सरकार व विभाग द्वारा प्रतिवर्ष विद्यालय प्रबंधन समिति/ विद्यालय विकास समिति के सदस्यों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसका लाभ छात्र- छात्राओं को मिल रहा है, सरकारी विद्यालयों में निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें, निःशुल्क ड्रेस, जूते, स्कूल बैग व अन्य छात्रवृत्ति परीक्षाओं का आयोजन भी किया जाता हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आजतक विकासखंड थराली के सरकारी विद्यालयों में 251 छात्र -छात्राओं ने कक्षा 6 में नया प्रवेश कर लिया है, तथा कक्षा 9 में 168 छात्र- छात्राओं ने नया प्रवेश कर लिया है तथा अन्य कक्षाओं में 13 छात्र -छात्राओं ने प्रवेश लिया है।
कक्षा 1 में 155 छात्र -छात्राओं ने नया प्रवेश कर लिया है, कक्षा 2 में 9 छात्र छात्राओं, कक्षा 3 में 8 छात्र छात्राओं ने अन्य विद्यालयों से प्रवेश किया हैं, कक्षा 4 में 6 छात्र छात्राओं, कक्षा 5 में 5 छात्र छात्राओं ने अन्य विद्यालयों से स्थानांतरण हो कर नया प्रवेश किया है तथा बाल वाटिका में 10 नन्हे मुन्ने बच्चों ने नामांकन किया है।
इस उपलब्धि को खंड शिक्षा अधिकारी थराली भूपेन्द्र ढौंढियाल,B R P/ C R P व तीनों संगठनों के पदाधिकारियों ने शिक्षकों के अच्छे प्रदर्शन की व नवाचार की सराहना की है, राजकीय जूनियर हाई स्कूल शाखा संगठन थराली के अध्यक्ष रणजीत गिरी गुसाईं, प्राथमिक शिक्षक संघ के शाखा अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह व सभी ने शिक्षा की बेहतरी के लिए कार्य किया है, साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी भूपेन्द्र ढौंढियाल ने इस माह सभी अध्यापक अध्यापिकाओं को अभिभावकों से जनसम्पर्क करने को कहा है।

