फूलों की घाटी के कपाट खुले, पर्यटकों का पहला दल रवाना
जुलाई-अगस्त में चरम पर रहता है प्राकृतिक सौंदर्य
इस वर्ष भी बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद
जोशीमठ।
विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी के कपाट सोमवार को विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ पर्यटकों के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पर्यटकों का पहला दल घाटी की ओर रवाना हुआ।
वन विभाग और पार्क प्रशासन की उपस्थिति में द्वार पूजन संपन्न हुआ। फूलों की घाटी रेंज की रेंजर चेतना कांडपाल ने बताया कि कि इस वर्ष भी देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है। पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
हिमालय की गोद में बसी फूलों की घाटी अपनी दुर्लभ वनस्पतियों और रंग-बिरंगे फूलों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। जुलाई और अगस्त के दौरान घाटी अपने पूरे सौंदर्य पर होती है, जब यहां सैकड़ों प्रजातियों के फूल खिलकर प्राकृतिक छटा का अद्भुत नजारा प्रस्तुत करते हैं।
प्रशासन ने पर्यटकों से पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन करने और घाटी की जैव विविधता को सुरक्षित रखने में सहयोग करने की अपील की है। कपाट खुलने के साथ ही क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

