आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा एक के कार्ड पर दूसरे का इलाज,
पुलिस ने किया दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज
देहरादून।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति के आयुष्मान कार्ड और आधार पहचान का इस्तेमाल कर दूसरे व्यक्ति का इलाज कराया गया। मामले की जांच के बाद अस्पताल प्रशासन की तहरीर पर नगर कोतवाली देहरादून में दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एन.सी. बिष्ट ने बताया कि 30 मई को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इलाज में अनियमितता की सूचना मिली थी। जांच में पता चला कि गोविंदगढ़ निवासी अंजित सिंह के आयुष्मान कार्ड पर किसी अन्य व्यक्ति का उपचार कराया गया।
जानकारी के अनुसार, अंजित सिंह ने 26 मई को कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती होने के लिए आयुष्मान योजना के तहत प्री-ऑथराइजेशन कराया था। 29 मई को डिस्चार्ज प्रक्रिया के दौरान उसकी फोटो भी ली गई, लेकिन अस्पताल कर्मियों को मरीज की पहचान को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई।
जांच में सामने आया कि अंजित सिंह के आयुष्मान कार्ड का उपयोग कर मेरठ के हस्तिनापुर निवासी विक्की का इलाज कराया गया था। पूछताछ के दौरान कथित रूप से इस बात की पुष्टि भी हुई। अस्पताल प्रशासन ने विक्की की स्वास्थ्य जांच कराकर उसे उपचार के लिए भर्ती कर लिया।
इधर, एफआईआर दर्ज होने की आशंका के बीच अंजित सिंह ने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उसे अस्पताल की इमरजेंसी में भेजा गया।
नगर कोतवाली प्रभारी हरिओम चौहान ने बताया कि अंजित सिंह और विक्की के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक विनयता चौहान को सौंपी गई है।

