केदारनाथ की ‘रूप छड़’ विवाद में नया मोड़

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केदारनाथ की ‘रूप छड़’ विवाद में नया मोड़

2016 के आदेश से खुलासा, रावल बोले—धार्मिक कार्यक्रम में ले जाना परंपरा के खिलाफ नहीं

देहरादून।

केदारनाथ धाम की धार्मिक प्रतीक ‘रूप छड़’ को महाराष्ट्र के नांदेड़ ले जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। सामने आए दस्तावेजों से पता चला है कि विशेष परिस्थितियों में इसे धाम से बाहर ले जाने की अनुमति वर्ष 2016 में ही दी जा चुकी थी।
इस मामले पर केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग ने कहा कि रूप छड़ रावल के धार्मिक आभूषणों में शामिल है और धार्मिक कार्यक्रमों में इसे साथ ले जाना परंपरा के विरुद्ध नहीं है।
वहीं बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अनुसार, वर्ष 2016 में भी नांदेड़ में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में रावल मुकुट और रूप छड़ के साथ शामिल हुए थे। इसी परंपरा के तहत 5 से 12 फरवरी को नांदेड़ में हुए शिव कथा और विश्व शांति यज्ञ में भी उन्होंने इन प्रतीकों के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के बाद रूप छड़ और मुकुट को केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में सुरक्षित जमा करा दिया गया है।
नए दस्तावेज सामने आने के बाद इस मुद्दे पर चल रहा विवाद अब नई दिशा लेता नजर आ रहा है।