गैरसैंण में बजट सत्र का दूसरा दिन, प्रश्नकाल में वन्यजीव-कृषि नुकसान और कानून व्यवस्था पर घिरी सरकार

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गैरसैंण में बजट सत्र का दूसरा दिन, प्रश्नकाल में वन्यजीव-कृषि नुकसान और कानून व्यवस्था पर घिरी सरकार

भराड़ीसैंण।

गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन मंगलवार को प्रश्नकाल से शुरू हुआ। सदन में आर्थिक सर्वेक्षण और कैग रिपोर्ट के साथ चार अध्यादेश भी पटल पर रखे जाने हैं।
प्रश्नकाल के दौरान पहाड़ों में जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान और मानव-वन्यजीव संघर्ष का मुद्दा प्रमुख रहा। कई विधायकों ने सरकार से प्रभावी समाधान की मांग की। वन मंत्री ने बताया कि वर्ष 2000 से 31 जनवरी 2026 तक मानव-वन्यजीव संघर्ष में 1,296 लोगों की मौत और 6,624 लोग घायल हुए हैं। मृतकों के परिजनों को मिलने वाला मुआवजा 10 लाख रुपये किया गया है।
सदन में वन कानून और फॉरेस्ट क्लीयरेंस को लेकर भी सवाल उठे, जिस पर सरकार ने बताया कि पिछले वर्ष विभिन्न विभागों के 713 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। वहीं यमुनोत्री-खरसाली रोपवे परियोजना पर भी सवाल पूछे गए, जिस पर सरकार ने नई कंपनी को टेंडर दिए जाने की जानकारी दी।
प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि मंत्री पूरक सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। विपक्ष ने सत्र से पहले कानून व्यवस्था पर चर्चा की भी मांग की।