भागलपुर। बिहार में उच्च शिक्षा के विस्तार, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर और महिला सशक्तिकरण को गति देने की दिशा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा कदम उठाया है। भागलपुर दौरे के दौरान उन्होंने गौराडीह प्रखंड के काशील खरबा गांव में नवस्थापित डिग्री कॉलेज का उद्घाटन किया। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से राज्य के 211 महाविद्यालयों को मान्यता देने की प्रक्रिया का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें नौकरी या उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े। गौराडीह प्रखंड में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है। नए डिग्री कॉलेज के शुरू होने से आसपास के हजारों छात्र-छात्राओं को अपने जिले में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा तक आसान पहुंच ही राज्य के समग्र विकास की सबसे मजबूत नींव है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्यभर के 211 महाविद्यालयों को मान्यता देने की प्रक्रिया का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है। नए कॉलेजों को मान्यता मिलने से विद्यार्थियों के लिए सीटों की संख्या बढ़ेगी, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों के युवाओं को भी उच्च शिक्षा का बेहतर अवसर मिल सकेगा। शिक्षा के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार इस वर्ष बिहार में नए उद्योग स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम शुरू करेगी। औद्योगिक विकास के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे, जिससे युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने की मजबूरी कम होगी। उन्होंने कहा कि बिहार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिक्षा और उद्योग दोनों क्षेत्रों में समान रूप से निवेश और विकास किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक करीब 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं के बैंक खातों में सरकारी सहायता राशि सीधे भेजी जा चुकी है। उन्होंने घोषणा की कि सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर 25 जुलाई को उन सभी पात्र महिलाओं के खातों में भी सहायता राशि हस्तांतरित की जाएगी, जो किसी कारणवश अब तक इस योजना का लाभ नहीं ले सकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र महिला सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार को विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए शिक्षा, रोजगार और महिला सशक्तिकरण तीन प्रमुख आधार हैं। सरकार इन तीनों क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है, ताकि युवाओं को बेहतर भविष्य, महिलाओं को आर्थिक मजबूती और राज्य को नई विकास गति मिल सके। मुख्यमंत्री के दौरे और बड़ी घोषणाओं से भागलपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। लोगों ने ग्रामीण क्षेत्र में डिग्री कॉलेज खुलने और बड़ी संख्या में महाविद्यालयों को मान्यता मिलने को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। कार्यक्रम में कई मंत्री, जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि शिक्षा और रोजगार से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि सरकार की घोषणाओं का लाभ जल्द से जल्द आम लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने विश्वास जताया कि इन पहलों से बिहार में शिक्षा का स्तर मजबूत होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और राज्य विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होगा।

