गया। मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुई करीब 14.87 किलोग्राम सोने की चर्चित बैंक लूट की जांच अब बिहार तक पहुंच गई है। लूटे गए सोने की बरामदगी और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस ने बिहार पुलिस के साथ संयुक्त अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में गया जिले के गुरुआ बाजार में कई ज्वेलरी दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। पुलिस ने दुकानों में खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर, बिल और अन्य अभिलेखों की गहन जांच की। इस कार्रवाई से इलाके के कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, जबलपुर बैंक गोल्ड लूट मामले की जांच कर रही मध्य प्रदेश पुलिस की विशेष टीम पिछले कुछ दिनों से गया जिले में डेरा डाले हुए है। स्थानीय पुलिस के सहयोग से गुरुआ बाजार और आसपास के क्षेत्रों में सोने के कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि लूटे गए सोने को अलग-अलग राज्यों के बाजारों में खपाने की कोशिश की गई हो सकती है। इसी आशंका के आधार पर बिहार के विभिन्न इलाकों में जांच का दायरा बढ़ाया गया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने ज्वेलरी कारोबारियों से खरीद-बिक्री का पूरा रिकॉर्ड मांगा और सोने के हालिया लेन-देन की जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने बिल, स्टॉक रजिस्टर और अन्य व्यावसायिक दस्तावेजों का मिलान करते हुए यह पता लगाने का प्रयास किया कि कहीं लूट का सोना स्थानीय बाजार में तो नहीं पहुंचा। कारोबारियों से कई महत्वपूर्ण सवाल भी पूछे गए, ताकि संदिग्ध लेन-देन की कड़ियां जोड़ी जा सकें। इस मामले में बिहार एसटीएफ को पहले ही बड़ी सफलता मिल चुकी है। जांच के दौरान गया जिले से कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनके कब्जे से तीन किलोग्राम से अधिक सोना बरामद किया गया था। इन्हीं गिरफ्तारियों और बरामदगी से मिले सुरागों के आधार पर अब मध्य प्रदेश पुलिस ने जांच का दायरा और व्यापक कर दिया है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई से लूट के पूरे नेटवर्क और उसमें शामिल लोगों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने जांच के दौरान एक युवक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू की है। हालांकि उसकी भूमिका को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच अधिकारी उसके बयान का उपलब्ध साक्ष्यों, तकनीकी जानकारी और अन्य दस्तावेजों से मिलान कर रहे हैं। यदि पूछताछ में कोई नई जानकारी सामने आती है तो जांच का दायरा और बढ़ाया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी ज्वेलरी कारोबारी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी तरह तथ्यों, दस्तावेजों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। दस्तावेजों की विस्तृत जांच, पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण पूरा होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इसलिए किसी भी कारोबारी या व्यक्ति के खिलाफ बिना पर्याप्त साक्ष्य के कार्रवाई नहीं की जाएगी। मध्य प्रदेश और बिहार पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई जबलपुर बैंक गोल्ड लूट कांड की गुत्थी सुलझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। दोनों राज्यों की पुलिस लगातार समन्वय बनाकर काम कर रही है, ताकि लूटे गए सोने की पूरी बरामदगी हो सके और इस वारदात में शामिल सभी आरोपियों तक पहुंचा जा सके। फिलहाल गुरुआ बाजार सहित आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है और जांच एजेंसियां हर संभावित कड़ी को खंगाल रही हैं। आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल गोल्ड लूट मामले में कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जबकि पुलिस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।

